AFC U-20 एशियन कप: 18 साल का लंबा इंतजार खत्म करने उतरेगी भारतीय टीम, सीरिया से होगी पहली टक्कर
भारतीय अंडर-20 पुरुष फुटबॉल टीम सोमवार को ताशकंद में सीरिया के खिलाफ अपना AFC अंडर-20 एशियन कप क्वालीफायर अभियान शुरू करने जा रही है। टीम का लक्ष्य 2006 के बाद पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के…
भारतीय अंडर-20 पुरुष फुटबॉल टीम सोमवार को ताशकंद में सीरिया के खिलाफ अपना AFC अंडर-20 एशियन कप क्वालीफायर अभियान शुरू करने जा रही है। टीम का लक्ष्य 2006 के बाद पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करना है, एक ऐसा इंतजार जो लगभग दो दशक लंबा हो चुका है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मुकाबला ताशकंद के दोस्तलिक स्टेडियम में खेला जाएगा।
यह क्वालीफायर अभियान 'ब्लू कोल्ट्स' के लिए बेहद अहम है, क्योंकि पिछले संस्करण में वे क्वालिफिकेशन से मामूली अंतर से चूक गए थे। तब गोल अंतर के कारण टीम सर्वश्रेष्ठ रनर-अप के तौर पर जगह नहीं बना सकी थी। इस बार टीम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
सीरिया की मजबूत चुनौती
भारत के लिए शुरुआती मुकाबला आसान नहीं होगा। सीरिया इस स्तर पर एक मजबूत टीम मानी जाती है, जिसने 1994 में यह चैंपियनशिप जीती थी और पिछले दो संस्करणों के लिए भी क्वालीफाई किया है। नीदरलैंड के अर्नो बुइटेनवेग की कोचिंग वाली सीरियाई टीम के खिलाफ भारतीय टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। दोनों टीमों के बीच इस स्तर पर अब तक सिर्फ दो मुकाबले हुए हैं, और दोनों में (1996 में 1-0 और 2004 में 2-1 से) भारत को हार का सामना करना पड़ा है।
ग्रुप और क्वालिफिकेशन का गणित
भारत को मेजबान उज्बेकिस्तान और बांग्लादेश के साथ 'ग्रुप-बी' में रखा गया है। टूर्नामेंट के नियम के अनुसार, सभी 8 ग्रुप से केवल ग्रुप विजेता और सात सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें ही एशियन कप के लिए क्वालीफाई करेंगी। ऐसे में हेड कोच महेश गवली की टीम के लिए हर मैच महत्वपूर्ण है और गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।
टीम की तैयारी और हालिया प्रदर्शन
भारतीय टीम ने इस अभियान के लिए लंबी तैयारी की है। जून में ट्रायल के बाद लगातार कैंप का आयोजन किया गया। टीम ने हाल ही में अगस्त में चार अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच भी खेले, जिनमें उसका प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने सिंगापुर को दो बार (3-0 और 1-0) हराया, जबकि यमन के साथ एक मैच ड्रॉ (0-0) खेला और दूसरे में 1-0 से जीत दर्ज की। टीम 27 अगस्त को ही ताशकंद पहुंच गई थी, ताकि खिलाड़ी वहां के माहौल में अच्छी तरह ढल सकें।
इनपुट: IANS


