अगरकर युग के बाद टीम इंडिया में बदलाव की बयार, भुवनेश्वर की वापसी से क्या शमी के लिए भी खुले दरवाज़े?
भारतीय क्रिकेट टीम में मुख्य चयनकर्ता के बदलते ही बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद, अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की चार साल बाद टी20 टीम में वापसी हो…
भारतीय क्रिकेट टीम में मुख्य चयनकर्ता के बदलते ही बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद, अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की चार साल बाद टी20 टीम में वापसी हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वापसी ने एक और सीनियर गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए भी टीम इंडिया में वापसी की उम्मीदें जगा दी हैं।
लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी, अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति की योजनाओं में फिट नहीं बैठते थे। हालांकि, अब अंतरिम मुख्य चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा ने पद संभालते ही अपनी पहली टीम में भुवनेश्वर को शामिल कर एक नया संकेत दिया है।
भुवनेश्वर कुमार: 4 साल का इंतज़ार और दमदार प्रदर्शन
भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी टी20 मैच 22 नवंबर 2022 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था और अब संयोग से न्यूजीलैंड दौरे के लिए ही उनकी वापसी हुई है। इन चार सालों में वे टीम से बाहर ज़रूर थे, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। खास तौर पर आईपीएल में उन्होंने आरसीबी को लगातार दो खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। आईपीएल 2025 में भुवी ने 14 मैचों में 17 विकेट लिए, जबकि 2026 के सीजन में 16 मैचों में 28 विकेट चटकाकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसी प्रदर्शन को देखते हुए प्रज्ञान ओझा ने उन्हें मौका दिया।
अब नज़रें मोहम्मद शमी पर
भुवनेश्वर की वापसी के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या मोहम्मद शमी की भी किस्मत बदलेगी? शमी ने 9 मार्च को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल के बाद से भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है। पिछले डेढ़ साल से घरेलू क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बंगाल के लिए उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा, लेकिन अगरकर ने हमेशा उनकी फिटनेस पर सवाल उठाकर उन्हें टीम से बाहर रखा।
वनडे विश्व कप 2023 में रिकॉर्डतोड़ गेंदबाजी करने वाले शमी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जिताने में भी अहम योगदान दिया था। जसप्रीत बुमराह को छोड़कर मौजूदा तेज गेंदबाजी आक्रमण अनुभवहीन नज़र आता है। ऐसे में शमी का अनुभव और बड़े टूर्नामेंट्स में उनका प्रदर्शन उनकी वापसी का मजबूत दावा पेश करता है। वनडे विश्व कप के इतिहास में वे सिर्फ 18 मैचों में 55 विकेट लेकर पांचवें सबसे सफल गेंदबाज हैं। कुल मिलाकर उन्होंने 108 वनडे मैचों में 206 विकेट हासिल किए हैं।
इनपुट: IANS


