चोट से उबरकर एशियन गेम्स में सोना: 8 साल के संघर्ष के बाद पूरा हुआ सोनाली शिंगटे का सपना
भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी सोनाली विष्णु शिंगटे के लिए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना एक लंबे और मुश्किल सफर का इनाम है। हाल ही में ईरान को हराकर गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा…
भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी सोनाली विष्णु शिंगटे के लिए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना एक लंबे और मुश्किल सफर का इनाम है। हाल ही में ईरान को हराकर गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं सोनाली को इस एक पदक के लिए लगभग आठ साल इंतजार करना पड़ा, जिसमें चोटों से मिली गंभीर चुनौतियाँ भी शामिल थीं।
समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए सोनाली ने अपनी खुशी जाहिर की और इस पदक को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा, "ये हमारे लिए बहुत गर्व की बात है, क्योंकि हमने भारत की मेडल टैली में गोल्ड जोड़ा है। आखिरकार, यह गोल्ड मेडल आज हमारे गले में है। यह बहुत खुशी की बात है।" सोनाली ने बताया कि उनकी माँ, भाई और भाभी ने उन्हें हमेशा प्रैक्टिस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।
चोट और वापसी का कठिन सफर
सोनाली का यह सफर आसान नहीं था। 2018 के एशियन गेम्स में भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल जीता था, लेकिन एक गंभीर चोट के कारण वह पिछले एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। उन्होंने बताया कि 2019 से 2023 के बीच कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट भी नहीं हुआ, जिससे उनका इंतजार और लंबा हो गया।
उनकी दृढ़ता की असली परीक्षा 2023 एशियन गेम्स से ठीक पहले हुई। सोनाली ने बताया, "एशियन गेम्स से 10 दिन पहले मुझे इंजरी हो गई थी। मुझे सर्जरी करवानी पड़ी... मैंने लंबे समय तक मेडल के लिए इंतजार किया है। इसके लिए मैंने बहुत मेहनत भी की है।" सर्जरी, रिहैब और कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने दमदार वापसी की।
सरकार और फेडरेशन को दिया धन्यवाद
सोनाली ने अपनी सफलता का श्रेय सरकार और एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया से मिले समर्थन को भी दिया। उन्होंने कहा, "सरकार ने काफी सपोर्ट किया है। हमारी फेडरेशन... ने बहुत मदद की है। उन्होंने हमारे कैंप लगवाए। वहां पर हमें बहुत अच्छी ट्रेनिंग दी गई।"
बातचीत के अंत में, सोनाली ने पुरुषों की प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की तर्ज पर महिलाओं के लिए भी एक पेशेवर लीग शुरू करने की इच्छा जताई, ताकि महिला खिलाड़ियों को भी वैसा ही मंच मिल सके।
इनपुट: IANS


