एशियन गेम्स: नागोया में ट्रांसपोर्ट की बड़ी गड़बड़ी, एयरपोर्ट के पास घंटों फंसे रहे एथलीट
जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स की शुरुआत से पहले ही आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को खेलों के लिए पहुंचे कई देशों के एथलीट और अधिकारी ट्रांसपोर्ट की भारी…
जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स की शुरुआत से पहले ही आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को खेलों के लिए पहुंचे कई देशों के एथलीट और अधिकारी ट्रांसपोर्ट की भारी अव्यवस्था के कारण चुबू सेंट्रेयर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास घंटों फंसे रहे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एथलीटों को उनके आधिकारिक आवास तक ले जाने वाली शटल बसों के सिस्टम में बड़ी गड़बड़ी पाई गई, जिससे कई खिलाड़ियों की जानकारी ही सिस्टम में नहीं मिली और वे अपनी बसों में नहीं चढ़ सके।
इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा खामियाजा चीन, कजाकिस्तान और श्रीलंका समेत कई देशों के दलों को भुगतना पड़ा। चीनी दल के सदस्य दोपहर करीब 12:15 बजे एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन सिस्टम में जानकारी न मिलने के कारण वे शटल बसों में सवार नहीं हो सके। एक दल के सदस्य ने बताया कि चीन की 21 सदस्यीय जिम्नास्टिक टीम में से सिर्फ दो सदस्यों की जानकारी ही सिस्टम में दर्ज थी, जिस वजह से पूरी टीम को वहीं रुकना पड़ा।
घंटों का इंतजार और बेबसी
थके हुए एथलीट एयरपोर्ट टर्मिनल के बाहर आइची स्काई एक्सपो में घंटों तक इंतजार करने को मजबूर थे। इस दौरान खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं था, सिर्फ पीने का पानी उपलब्ध था। कई चीनी एथलीटों ने इस खाली समय का इस्तेमाल ट्रेनिंग और वार्म-अप के लिए किया। चीनी दल के एक अधिकारी ने कहा, "किसी ने हमें निकलने का सही समय नहीं बताया। यहां तक कि स्टाफ और वॉलंटियर्स के पास भी कोई साफ जवाब नहीं है।" कजाकिस्तान की शूटिंग टीम को भी बिना किसी सूचना के दो घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
एक वॉलंटियर ने इस अव्यवस्था का कारण विभागों के बीच खराब तालमेल को बताया। वॉलंटियर के अनुसार, "कामकाज के कई हिस्से आपस में जुड़े नहीं हैं। टीमें चाहें तो प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का इंतजाम कर सकती हैं, लेकिन उन्हें इसका खर्च खुद उठाना होगा।"
खिलाड़ियों ने खुद खोजे रास्ते
जब आधिकारिक बसों का कोई भरोसा नहीं रहा, तो चीन की बैडमिंटन टीम ने सार्वजनिक बसों से जाने की कोशिश की, लेकिन सभी के लिए टिकट नहीं मिल पाए। इसके बाद नागोया में चीनी वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों ने स्थानीय संपर्कों की मदद से चार्टर्ड गाड़ियों का इंतजाम किया, तब जाकर पूरी टीम शाम 4:30 बजे वहां से निकल सकी।
चीन की अन्य टीमों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा। टेबल टेनिस, वुशु और रोइंग की टीमें शाम 5 बजे के करीब बसों में बैठीं, जबकि जिम्नास्टिक टीम को निकलने में शाम के 6 बज गए, यानी पहुंचने के लगभग छह घंटे बाद। श्रीलंका की टीम के लिए यह ordeal और भी लंबा रहा। एक अधिकारी ने बताया कि घर से निकलने के बाद से उनका कुल यात्रा और इंतजार का समय 24 घंटे हो गया था। इस अनुभव से हताश एक खिलाड़ी ने कहा, "मैदान के बाहर की ये परेशानियां मुकाबलों से भी ज्यादा मुश्किल हैं।"
इनपुट: IANS


