फीफा में नेतृत्व संकट: नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन ने अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से मांगा इस्तीफा
विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा में नेतृत्व को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन (NFF) ने खुले तौर पर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से पद छोड़ने की मांग की है। फेडरेशन की…
विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा में नेतृत्व को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन (NFF) ने खुले तौर पर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से पद छोड़ने की मांग की है। फेडरेशन की अध्यक्ष लिसे क्लेवनेस ने कहा है कि मौजूदा संकट से गुजर रहे विश्व फुटबॉल का नेतृत्व करने के लिए इन्फेंटिनो में अब जरूरी भरोसा नहीं बचा है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह मांग फीफा द्वारा अपनी एक विवादित निवेश योजना को वापस लेने के बाद आई है। इस योजना के तहत फीफा वर्ल्ड कप से जुड़े कमर्शियल अधिकारों में एक छोटी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव था। यूरोप समेत कई फुटबॉल संघों ने इस प्रस्ताव की पारदर्शिता और खेल के भविष्य पर इसके नियंत्रण को लेकर कड़ी आलोचना की थी।
क्यों टूटा अध्यक्ष पर भरोसा?
नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन की बोर्ड मीटिंग के बाद लिसे क्लेवनेस ने पत्रकारों से कहा, "जियानी इन्फेंटिनो में अब फीफा का स्थिर तरीके से नेतृत्व करने का जरूरी संस्थागत भरोसा नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल समुदाय मुश्किल दौर से गुजर रहा है। हमें लगता है कि नए नेतृत्व की जरूरत है। इसलिए हम फीफा अध्यक्ष से इस्तीफा देने के लिए कहेंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विवादित निवेश प्रस्ताव के कारण फीफा और उसके प्रमुख हितधारकों के बीच विश्वास बुरी तरह टूट गया है।
यूरोप में भी विरोध के सुर
नॉर्वे इस मुद्दे पर अकेला नहीं है। यूरोपीय फुटबॉल संघों का संगठन UEFA पहले ही कह चुका है कि उसे अब फीफा अध्यक्ष पर भरोसा नहीं है। UEFA ने फीफा पर आरोप लगाया था कि उसने निवेश प्रस्ताव लाने से पहले सदस्य संघों से ठीक से सलाह-मशविरा नहीं किया। भले ही फीफा ने बाद में यह योजना वापस ले ली और इन्फेंटिनो ने सभी 211 सदस्य संघों से माफी भी मांग ली, लेकिन UEFA का मानना है कि इस घटना ने गवर्नेंस से जुड़े गहरे मुद्दों को उजागर कर दिया है।
2022 में नॉर्वे फेडरेशन का अध्यक्ष पद संभालने वाली क्लेवनेस को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में UEFA के और सदस्य देश उनके रुख का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, "हमारा इरादा सीधे फीफा से बात करना और उन्हें अध्यक्ष पद छोड़ने के लिए कहना है।" यह विवाद 2026 फीफा विश्व कप से पहले सामने आया है, जिससे संस्था पर दबाव और बढ़ गया है।
इनपुट: IANS


