फीफा वर्ल्ड कप फाइनल विवाद: अर्जेंटीना के लिएंड्रो परेडेस पर 10 मैचों का बैन, एक साल टीम से रहेंगे बाहर
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन से हार के बाद हुई झड़प अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को भारी पड़ी है। इस मामले में फीफा ने कड़ा रुख अपनाते हुए मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस पर 10 मैचों का प्रतिबंध लगा…
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन से हार के बाद हुई झड़प अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को भारी पड़ी है। इस मामले में फीफा ने कड़ा रुख अपनाते हुए मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस पर 10 मैचों का प्रतिबंध लगा दिया है, जो उन्हें लगभग एक साल के लिए नेशनल टीम से दूर रखेगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सजा वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे कड़ी सजाओं में से एक है।
परेडेस को यह सजा फाइनल मैच के बाद स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़ने और गावी को जमीन पर गिराने के लिए दी गई है। उनके अलावा, अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना पर 7 मैच और मिडफील्डर थियागो अल्माडा पर एक मैच का बैन लगाया गया है। स्पेन के मिडफील्डर गावी पर भी एक मैच का प्रतिबंध लगा है, जो उन्हें 26 सितंबर को इंग्लैंड के खिलाफ नेशंस लीग मैच में पूरा करना होगा।
जुर्माना और अन्य कार्रवाइयां
खिलाड़ियों पर प्रतिबंध के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया गया है। परेडेस और मोलिना पर 90-90 हजार डॉलर, जबकि अल्माडा पर 30 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। इतना ही नहीं, अर्जेंटीना के असिस्टेंट कोच रॉबर्टो अयाला को भी तीन मैचों के लिए प्रतिबंधित किया गया है और उन पर 30,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
पूरे टूर्नामेंट के दौरान हुई कई घटनाओं के लिए अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) पर भी 1.10 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। इन घटनाओं में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल जीत के बाद खिलाड़ियों द्वारा फॉकलैंड आइलैंड्स से जुड़ा राजनीतिक बैनर ले जाना और समर्थकों के भेदभावपूर्ण नारे शामिल थे।
ऐतिहासिक रूप से कड़ी सजा
परेडेस पर लगा 10 मैचों का बैन हाल के विश्व कप इतिहास की सबसे कठोर सजाओं में से है। इसकी तुलना 2013 में क्रोएशिया के जोसिप सिमुनिक को दिए गए 10 मैचों के निलंबन से की जा रही है। फीफा के इंटरनेशनल कैलेंडर के अनुसार, जून 2027 तक अर्जेंटीना के लिए 10 मैच तय हैं, जिसका मतलब है कि परेडेस का बैन असल में एक साल के बराबर है।
अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने इन फैसलों को चुनौती देने की योजना बनाई है। फेडरेशन के कानूनी विभाग ने कहा है कि वह फीफा से फैसलों का आधार मांगेगा ताकि अपील समिति के समक्ष अपील दायर की जा सके। इसके अलावा, अंतिम उपाय के तौर पर मामले को खेल पंचाट न्यायालय (CAS) में ले जाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
इनपुट: IANS


