गणेश चतुर्थी पर भाग्यश्री की खास अपील: POP की जगह घर लाएं 'गोमय गणेश', प्रकृति को होगा फायदा
गणेश चतुर्थी के त्योहार पर 'मैंने प्यार किया' फेम अभिनेत्री भाग्यश्री ने लोगों से पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए गणपति की मूर्ति चुनने की अपील की है। उन्होंने प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की जगह गाय के…
गणेश चतुर्थी के त्योहार पर 'मैंने प्यार किया' फेम अभिनेत्री भाग्यश्री ने लोगों से पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए गणपति की मूर्ति चुनने की अपील की है। उन्होंने प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की जगह गाय के गोबर से बनी 'गोमय गणेश' की मूर्ति घर लाने का सुझाव दिया है, जो विसर्जन के बाद प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे पोषण देती है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भाग्यश्री ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस मुद्दे पर ध्यान दिलाया। उन्होंने चिंता जताई कि आज भी लगभग 90 प्रतिशत लोग पीओपी से बनी गणपति की मूर्तियां ही घर लाते हैं, जो विसर्जन के बाद पर्यावरण के लिए हानिकारक साबित होती हैं।
क्या है 'गोमय गणेश' का फायदा?
भाग्यश्री ने बताया कि गोमय गणेश की मूर्तियां गाय के गोबर से बनती हैं, जिसमें कभी-कभी मिट्टी या मुल्तानी मिट्टी जैसी प्राकृतिक चीजें भी मिलाई जाती हैं। उन्होंने इसके लाभ बताते हुए कहा कि पूजा के बाद इन मूर्तियों का विसर्जन घर के बगीचे की मिट्टी में ही किया जा सकता है। समय के साथ यह मूर्ति खाद में बदल जाती है, जो पौधों के लिए बहुत उपयोगी होती है।
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने लिखा, "इस गणेश चतुर्थी गोमय गणेश के साथ ऐसी परंपरा को चुनना चाहिए, जो विसर्जन के बाद भी प्रकृति को कुछ लौटाए। कहते हैं, गाय में देवी-देवताओं का वास होता है और गाय से मिलने वाली हर चीज उपयोगी होती है। पुराने जमाने में गांवों के घरों में कीड़े-मकौड़ों से बचाव और साफ-सफाई के लिए गोबर का इस्तेमाल किया जाता था। आज भी गोबर का इस्तेमाल खाद के रूप में किया जाता है।"
परंपरा और पर्यावरण का संगम
अभिनेत्री ने आगे कहा, "इसी वैज्ञानिक सोच को ध्यान में रखते हुए गोमय गणेश तैयार किए गए हैं। ये न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि पर्यावरण के लिए पोषण देने वाला विकल्प भी है। पूजा के बाद गोमय गणेश का विसर्जन बगीचे में ही किया जा सकता है, जिससे मिट्टी और पौधों को प्राकृतिक पोषण मिलेगा। इससे गणेश चतुर्थी की परंपरा भी निभेगी और प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे कुछ वापस देने का मौका भी मिलेगा।"
इनपुट: IANS


