कोलकाता में उरुग्वे की चुनौती भारी पड़ी, थापा के गोल के बावजूद भारत 1-6 से हारा
कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में मंगलवार को भारतीय फुटबॉल टीम को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ हुए मुकाबले में भारत को 1-6 की हार झेलनी…
कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में मंगलवार को भारतीय फुटबॉल टीम को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ हुए मुकाबले में भारत को 1-6 की हार झेलनी पड़ी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हार के साथ ही भारत का अंतरराष्ट्रीय मैचों का यह दौर समाप्त हो गया। टीम के लिए एकमात्र राहत की बात अनिरुद्ध थापा का शानदार गोल रहा, जिसने कुछ देर के लिए भारतीय खेमे में उत्साह भर दिया था।
मैच के 22वें मिनट में अनिरुद्ध थापा ने एक यादगार गोल दागकर भारत को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था। उन्होंने यह गोल उरुग्वे के शुरुआती गोल के ठीक 10 मिनट बाद किया, जो डार्विन नुनेज ने 12वें मिनट में पेनल्टी स्पॉट से दागा था। 37,307 दर्शकों के सामने थापा का यह गोल एक ऐतिहासिक पल बन गया, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
मैच का रुख कैसे पलटा?
भारत की बराबरी के कुछ ही देर बाद, खराब मौसम और बिजली कड़कने के कारण खेल को रोकना पड़ा। जब मैच दोबारा शुरू हुआ तो उरुग्वे की टीम, जिसे 'ला सेलेस्टे' भी कहा जाता है, ने पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया। मेहमान टीम ने इसके बाद एक के बाद एक पांच गोल किए और भारतीय टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
उरुग्वे की ओर से मैक्सी अराउजो ने दो गोल (28वें और 59वें मिनट में) किए। उनके अलावा रोड्रिगो जलाजार (53वें मिनट), जेएम सनाब्रिया (71वें मिनट) और रोड्रिगो एगुइरे (86वें मिनट) ने भी गोल दागकर अपनी टीम की एकतरफा जीत सुनिश्चित की।
थापा का ऐतिहासिक गोल
इस हार के बावजूद, थापा का गोल भारतीय फुटबॉल के इतिहास में दर्ज हो गया। वह एक सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच में उरुग्वे के खिलाफ गोल करने वाले केवल दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले 1982 में नेहरू कप के दौरान मानस भट्टाचार्य ने यह उपलब्धि हासिल की थी। थापा ने रिबाउंड पर गेंद को बड़ी सूझबूझ से गोल में डालकर कोलकाता के दर्शकों को जश्न मनाने का एक बड़ा मौका दिया था।
भारत का मिला-जुला प्रदर्शन
कुल मिलाकर, यह अंतरराष्ट्रीय विंडो भारत के लिए मिले-जुले नतीजों वाली रही। टीम ने पनामा के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला, लेकिन फुटबॉल की दो दिग्गज टीमों, ब्राजील और उरुग्वे, के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा। इन तीन मैचों में भारत ने दो गोल किए और अपने खिलाफ 11 गोल खाए।
इनपुट: IANS


