रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
फुटबॉल

जमशेदपुर FC का ISL से हटना: गुरप्रीत संधू और सुनील छेत्री ने कहा 'भारतीय फुटबॉल के लिए बड़ा झटका'

इंडियन सुपर लीग (ISL) की प्रतिष्ठित टीमों में से एक जमशेदपुर एफसी ने अपने मौजूदा डूरंड कप अभियान के बाद फर्स्ट-टीम का कामकाज बंद करने का फैसला किया है। इस घोषणा ने भारतीय फुटबॉल जगत में हलचल मचा दी…

जमशेदपुर FC का ISL से हटना: गुरप्रीत संधू और सुनील छेत्री ने कहा 'भारतीय फुटबॉल के लिए बड़ा झटका'
(फोटो: IANS)

इंडियन सुपर लीग (ISL) की प्रतिष्ठित टीमों में से एक जमशेदपुर एफसी ने अपने मौजूदा डूरंड कप अभियान के बाद फर्स्ट-टीम का कामकाज बंद करने का फैसला किया है। इस घोषणा ने भारतीय फुटबॉल जगत में हलचल मचा दी है, और कई बड़े खिलाड़ियों ने इस पर निराशा जताई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप की इस फ्रेंचाइजी के हटने के बाद भारतीय फुटबॉल में उनकी मौजूदगी सिर्फ जमशेदपुर स्थित टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) तक ही सीमित रह जाएगी।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय फुटबॉल टीम के अनुभवी गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने इसे भारतीय फुटबॉल के लिए एक 'बड़ा नुकसान' बताया। उन्होंने टाटा ग्रुप से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की भी अपील की।

“यह आखिरी अध्याय न हो”

बेंगलुरु एफसी के लिए खेलने वाले गुरप्रीत ने रविवार को इंस्टाग्राम पर लिखा, "कुछ क्लब फुटबॉल से कहीं बढ़कर होते हैं। वे स्थिरता, भरोसे और खेल के विकास के प्रति लंबे समय की प्रतिबद्धता का प्रतीक होते हैं। जमशेदपुर एफसी का अपनी फर्स्ट-टीम का कामकाज बंद करने का फैसला न केवल क्लब के लिए, बल्कि पूरे भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा नुकसान है।"

उन्होंने आगे कहा, "टीएफए और जमशेदपुर एफसी के जरिए, टाटा ग्रुप ने भरोसे, निवेश और विकास की एक ऐसी विरासत बनाई है जिसकी जगह आसानी से नहीं ली जा सकती... उम्मीद है कि अभी भी इस पर फिर से सोचने की गुंजाइश है। भारतीय फुटबॉल को ऐसे संस्थानों की जरूरत है जो इसके भविष्य पर भरोसा बनाए रखें। उम्मीद है कि यह आखिरी अध्याय नहीं है।"

क्लब का सफर और छेत्री की प्रतिक्रिया

जमशेदपुर एफसी ने अपने नौ सीजन के ISL सफर में एक बार लीग विनर्स शील्ड जीती थी। यह खिताबी जीत उन्हें 2021/22 में हेड कोच ओवेन कॉयल के नेतृत्व में मिली थी। इसके अलावा क्लब केवल एक बार 2024/25 में खालिद जमील के नेतृत्व में ISL प्लेऑफ तक पहुंचा।

इससे पहले, दिग्गज फुटबॉलर सुनील छेत्री ने भी इस फैसले को 'गहरा झटका' करार दिया था। उन्होंने टाटा ग्रुप को भारतीय फुटबॉल का एक 'मजबूत स्तंभ' बताते हुए कहा था, "यह जानना कि जमशेदपुर ने अपनी फर्स्ट टीम का कामकाज बंद कर दिया है, एक गहरा झटका है।"

इनपुट: IANS

N

News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

News4Social स्पोर्ट्स डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से खेल जगत से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →