भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज: पूर्व कीवी कोच ने बताया सफलता का मंत्र, कहा- सही लेंथ ही दिलाएगी जीत
भारत की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर 5 टी20 मैचों के बाद 5 वनडे मैचों की सीरीज भी खेलेगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नामों की वापसी से रोमांच बढ़ गया है, लेकिन जसप्रीत बुमराह की…
भारत की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर 5 टी20 मैचों के बाद 5 वनडे मैचों की सीरीज भी खेलेगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नामों की वापसी से रोमांच बढ़ गया है, लेकिन जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में गेंदबाजी एक चुनौती होगी। समाचार एजेंसी IANS से खास बातचीत में न्यूजीलैंड के पूर्व सहायक कोच जेम्स पैमेंट ने बताया है कि इस सीरीज में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के लिए सफलता का क्या फॉर्मूला होगा।
पैमेंट का मानना है कि जो गेंदबाज लगातार सही लेंथ पर गेंदबाजी करने में कामयाब रहेगा, वही अच्छा प्रदर्शन कर पाएगा। उन्होंने कहा, "गेंदबाजों को यह पक्का करने की कोशिश करनी चाहिए कि उन्हें किस लेंथ पर गेंदबाजी करनी है। अपनी सबसे अच्छी गेंद लगातार फेंकें।"
कैसी होंगी न्यूजीलैंड की पिचें?
मुंबई इंडियंस के फील्डिंग कोच रह चुके पैमेंट ने कीवी पिचों के बदलते मिजाज पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि पिछले 5-10 सालों में वहां के विकेट काफी बेहतर हुए हैं। पैमेंट के मुताबिक, "पहले हमारे विकेटों में थोड़ी सीम होती थी, जो काफी नीचे रहती थी और इससे स्कोर करना मुश्किल हो जाता था। लेकिन अब न्यूजीलैंड के विकेटों पर, अगर गेंदबाजों के पास गति और बाउंस होते हैं, तो इसका फायदा उन्हें मिलेगा।"
बल्लेबाजों और टॉस की भूमिका
पैमेंट ने बल्लेबाजों को सकारात्मक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छी बल्लेबाजी, संवाद और साझेदारियों के दम पर सभी वनडे वेन्यू पर 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया जा सकता है। उन्होंने मैच के समय और दूसरी पारी की चुनौतियों का भी जिक्र किया। पैमेंट ने कहा कि 50 ओवर फेंकने में लगभग चार घंटे लगते हैं, जिससे दूसरी पारी देर से शुरू होती है और तब तक गेंदबाजी की परिस्थितियां मुश्किल हो सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि दूसरी पारी में फील्ड में रहना मुश्किल हो जाएगा और टीमें दूसरी पारी में सिर्फ बल्लेबाजी को ही प्राथमिकता देंगी।" हालांकि, उनका मानना है कि टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करना और एक बड़ा स्कोर खड़ा करके उसे डिफेंड करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है, क्योंकि 100 ओवरों के खेल में विकेट बहुत ज्यादा नहीं बदलेगा।
इनपुट: IANS


