एक कोच का जुनून: पत्नी के गहने दांव पर लगाकर महिला फुटबॉल टीम को IWL तक पहुँचाया
मध्य प्रदेश में महिला फुटबॉल को आगे बढ़ाने के लिए एक कोच ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। रायसेन डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल क्लब के कोच परम आशावर ने इंडियन वीमेंस लीग में प्रदेश की टीम को भेजने के लिए न…
मध्य प्रदेश में महिला फुटबॉल को आगे बढ़ाने के लिए एक कोच ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। रायसेन डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल क्लब के कोच परम आशावर ने इंडियन वीमेंस लीग में प्रदेश की टीम को भेजने के लिए न सिर्फ़ 10 लाख रुपये का कर्ज़ लिया, बल्कि अपनी पत्नी के गहने तक गिरवी रख दिए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके इस असाधारण समर्पण और जुनून की खेल जगत में जमकर सराहना हो रही है।
यह मामला शहडोल जिले के विचारपुर गाँव से जुड़ा है, जिसे फुटबॉल के प्रति दीवानगी के कारण 'मिनी ब्राजील' भी कहा जाता है। परम आशावर इसी क्षेत्र में महिला खिलाड़ियों को तराशने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके प्रयासों का ही नतीजा था कि मार्च 2026 में आयोजित हुई इंडियन वीमेंस लीग में मध्य प्रदेश की महिला टीम ने हिस्सा लिया और अंक तालिका में तीसरा स्थान हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया।
खेल हस्तियों ने की सराहना
पूर्व राष्ट्रीय महिला फुटबॉल खिलाड़ी रजनी सिंह ने आशावर के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा, "परम आशावर का उद्देश्य और लक्ष्य शानदार है। उनके जैसे कोच नहीं मिलते हैं, जो महिलाओं को इतना समर्थन देते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि हर राज्य और ग्रामीण इलाके में उनके जैसा कोच होना चाहिए जो महिलाओं को आगे बढ़ाने की सोच रखता हो। रजनी ने यह भी कहा कि कोच के इस त्याग को देखते हुए खिलाड़ियों को भी पूरे समर्पण से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए।
महिला फुटबॉल कोच लक्ष्मी सहीस ने भी परम के योगदान को बहुत बड़ा बताते हुए कहा, "परम आशावर एक अच्छे कोच हैं और उन्होंने 10 लाख का लोन लेकर महिला टीम के लिए एक बहुत बड़ा योगदान दिया। महिला टीम को आगे बढ़ाने की उनकी यह पहल बेहद सराहनीय है।" उन्होंने बताया कि महंगे उपकरणों की कमी के बावजूद आशावर खुद ही खिलाड़ियों के लिए व्यवस्था कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन का दृष्टिकोण
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के ब्लॉक समन्वयक अजय सोंधिया ने इसे एक अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से रायसेन के फुटबॉल कोच का यह एक अच्छा पहल था। उन्होंने शासन और प्रशासन की मदद के बिना और खुद लोन लेकर खिलाड़ियों को संसाधनों की उपलब्धता कराई, जिसके दम पर इंडियन वीमेंस लीग में महिला खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।" सोंधिया ने यह भी माना कि अगर अच्छे कोच और संसाधन मिलें तो यहाँ की खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं।
इनपुट: IANS


