फीफा विश्व कप 2026: फ्रांस को हराकर 16 साल बाद फाइनल में स्पेन, कोच बोले - 'असली काम अभी बाकी'
फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने 16 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी जगह पक्की कर ली है। डलास स्टेडियम में हुए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से मात दी। इस बड़ी जीत के बाद…
फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने 16 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी जगह पक्की कर ली है। डलास स्टेडियम में हुए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से मात दी। इस बड़ी जीत के बाद टीम के हेड कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा है कि उनकी टीम सही समय पर अपने चरम प्रदर्शन पर पहुंच गई है और अब अगला व सबसे बड़ा लक्ष्य विश्व कप ट्रॉफी जीतना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मैच में स्पेन ने शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा। टीम के लिए पहला गोल 22वें मिनट में मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी के जरिए किया, जिससे स्पेन को 1-0 की शुरुआती बढ़त मिली। इसके बाद दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने एक और गोल दागकर टीम की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। फ्रांस की मजबूत टीम पूरे मैच में वापसी करने में नाकाम रही।
चार साल की मेहनत का नतीजा
कोच डे ला फुएंते ने इस जीत का श्रेय पिछले चार सालों की योजना और उस पर बनाए रखे गए भरोसे को दिया। उन्होंने कहा, “आज हम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक, फ्रांस, के खिलाफ खेले, लेकिन उनके सामने दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम थी। हमारे खिलाड़ियों ने हर दिन अपनी मेहनत, समर्पण, एकजुटता और प्रतिभा का परिचय दिया है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्पेन के राजा फेलिप षष्ठम ने जीत के बाद ड्रेसिंग रूम में फोन कर पूरी टीम को बधाई दी, जो सभी के लिए गर्व का क्षण था।
टीम की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत
डे ला फुएंते ने अपनी टीम के जज्बे की जमकर तारीफ की और कहा कि जब पूरी टीम एकजुट होकर खेलती है, तो उसे हराना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे को रोकने का श्रेय किसी एक खिलाड़ी को नहीं, बल्कि पूरी टीम के अनुशासित प्रयास को दिया। कोच ने कहा, “हमारी टीम में हर खिलाड़ी समूह के हित को सबसे पहले रखता है। यही हमारी सफलता की सबसे बड़ी वजह है।”
कोच ने कहा कि टीम टूर्नामेंट में हर मैच के साथ बेहतर होती गई है। हालांकि, फाइनल में पहुंचने के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि असली काम अभी बाकी है। उन्होंने कहा, “हमने एक बड़ा कदम जरूर उठाया है, लेकिन सबसे कठिन चुनौती अभी बाकी है। हमारा सपना विश्व कप जीतना और ट्रॉफी अपने नाम करना है।” फाइनल में स्पेन का मुकाबला अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
इनपुट: IANS


