जमशेदपुर FC का नया ठिकाना गोवा, टाटा स्टील ने चर्चिल ब्रदर्स को सौंपा मालिकाना हक
इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम जमशेदपुर एफसी (JFC) पर अब टाटा स्टील का सीधा मालिकाना हक समाप्त हो गया है। कंपनी ने एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत क्लब की मालिक कंपनी में अपनी इक्विटी हिस्सेदारी गोवा के…
इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम जमशेदपुर एफसी (JFC) पर अब टाटा स्टील का सीधा मालिकाना हक समाप्त हो गया है। कंपनी ने एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत क्लब की मालिक कंपनी में अपनी इक्विटी हिस्सेदारी गोवा के प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब चर्चिल ब्रदर्स को एक सांकेतिक मूल्य पर हस्तांतरित कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य JFC के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के पेशेवर भविष्य को सुरक्षित करना है।
मंगलवार, 14 अगस्त को टाटा स्टील लिमिटेड और चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब के बीच इस सौदे को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के नियमों के अनुसार हुए इस हस्तांतरण में क्लब का ISL स्पोर्टिंग लाइसेंस, 12 खिलाड़ी और दो कोच भी चर्चिल ब्रदर्स को सौंप दिए गए हैं।
समझौते की अहम बातें
टाटा स्टील द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से जमशेदपुर एफसी के सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंधों को अपने हाथ में ले लेंगे। इससे उन्हें ISL में अपना फुटबॉल करियर जारी रखने का अवसर मिलेगा। चर्चिल ब्रदर्स का गोवा में फुटबॉल का लगभग चार दशकों का समृद्ध इतिहास रहा है, जिसमें दो आई-लीग खिताब जीतना भी शामिल है।
इस बदलाव पर टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट, डी. बी. सुंदरा रामम ने कहा, "चर्चिल ब्रदर्स भारतीय फुटबॉल में एक असली इतिहास वाला क्लब है, और हमें खुशी है कि इस एग्रीमेंट से हमारे खिलाड़ियों और कोचों को क्लब फुटबॉल खेलना जारी रखने का मौका मिल रहा है।" उन्होंने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने में साझेदारी के लिए AIFF और चर्चिल ब्रदर्स का धन्यवाद किया।
जमीनी स्तर पर रहेगा टाटा का फोकस
JFC से अलग होने के बावजूद, टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि वह जमीनी और युवा स्तर पर फुटबॉल के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। कंपनी ने कहा, "युवा प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें निखारने की हमारी विरासत रही है, खासकर स्थानीय और आदिवासी समुदायों के बीच, जिसमें टाटा फुटबॉल अकादमी भी शामिल है।"
गौरतलब है कि 1987 में जमशेदपुर में शुरू हुई टाटा फुटबॉल अकादमी ने 300 से अधिक कैडेट्स को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 150 ने भारतीय राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। रामम ने आगे कहा, "हम अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखेंगे और उसे बेहतर बनाएंगे... हम AIFF के साथ मिलकर अपने यूथ सिस्टम को मॉडर्न बनाएंगे, उसमें निवेश करेंगे और उसकी क्षमता को और बढ़ाएंगे।"
इनपुट: IANS


