केपटाउन टेस्ट: रिकेल्टन-मुल्डर के शतकों से साउथ अफ्रीका की वापसी, ऑस्ट्रेलिया को मिला 288 का लक्ष्य
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में रोमांचक मोड़ आ गया है। काइल रिकेल्टन (101) और वियान मुल्डर (115) के शानदार शतकों की बदौलत साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में…
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में रोमांचक मोड़ आ गया है। काइल रिकेल्टन (101) और वियान मुल्डर (115) के शानदार शतकों की बदौलत साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में दमदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ट के चौथे दिन साउथ अफ्रीका की पूरी टीम अपनी दूसरी पारी में 387 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
एक समय साउथ अफ्रीका की टीम 181 रन पर 5 विकेट खोकर मुश्किल में नज़र आ रही थी। इसके बाद रिकेल्टन और मुल्डर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 318 गेंदों में 154 रनों की बेहतरीन साझेदारी कर न सिर्फ टीम को संकट से निकाला, बल्कि एक मजबूत स्थिति में भी पहुंचा दिया। रिकेल्टन ने अपनी 101 रन की पारी में 12 चौके लगाए, जबकि मुल्डर ने 221 गेंदों पर 10 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 115 रन बनाए।
लड़खड़ाने के बाद संभली पारी
दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही। एडन मार्करम (1) और डेविड बेडिंगहैम (11) जल्दी पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान टेंबा बावुमा (35) और मार्क्वेस एकरमैन (62) ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की। मैथ्यू ब्रीत्जके ने भी 43 रनों का अहम योगदान दिया। हालांकि, टीम ने अपने आखिरी छह विकेट सिर्फ 53 रनों के भीतर गंवा दिए। न्यूलैंड्स के इस मैदान पर 387 रन साउथ अफ्रीका का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ी और केपटाउन का रिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मिचेल स्टार्क सबसे सफल गेंदबाज़ रहे, जिन्होंने 3 विकेट हासिल किए। कप्तान पैट कमिंस और नाथन लायन को दो-दो सफलताएं मिलीं, जबकि जोश हेजलवुड ने एक विकेट चटकाया। गौरतलब है कि केपटाउन के इस मैदान पर 280 से ज्यादा रनों का लक्ष्य सिर्फ एक बार ही हासिल किया जा सका है। यह रिकॉर्ड भी ऑस्ट्रेलिया के ही नाम है, जब उन्होंने 2002 में 331 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था।
इनपुट: IANS


