गौतम गंभीर का युवा वैभव सूर्यवंशी को संदेश: ड्रेसिंग रूम में सुरक्षा का माहौल सबसे ज़रूरी
भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर हेड कोच गौतम गंभीर ने अपनी सोच स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि क्यों बेहतरीन फॉर्म और रिकॉर्ड तोड़ने वाले प्रदर्शन के बावजूद 15 वर्षीय इस खिलाड़ी…
भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर हेड कोच गौतम गंभीर ने अपनी सोच स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि क्यों बेहतरीन फॉर्म और रिकॉर्ड तोड़ने वाले प्रदर्शन के बावजूद 15 वर्षीय इस खिलाड़ी को टीम में अपनी बारी का इंतज़ार करना पड़ सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गंभीर का मानना है कि टीम संयोजन और ड्रेसिंग रूम में सुरक्षा का माहौल बनाना उनकी पहली प्राथमिकता है।
गंभीर ने 'जियोस्टार' पर एक बातचीत में कहा, "यह मेरे लिए भी एक नया अनुभव था। हां, वह अच्छी फॉर्म में थे, लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि कभी-कभी, उन खिलाड़ियों की वजह से जिन्होंने लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें अपने मौके का इंतजार करना पड़ सकता है।"
टीम चयन का आधार
कोच ने ज़ोर देकर कहा कि टीम का चयन सोशल मीडिया या बाहरी दबाव से तय नहीं होता। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि ड्रेसिंग रूम का समीकरण कैसा है, कौन सा खिलाड़ी कोच और कप्तान को मैच जिताने की क्षमता रखता है, तथा टीम की सबसे मजबूत 'प्लेइंग इलेवन' क्या है।"
गंभीर के मुताबिक, पिछले डेढ़-दो साल से शानदार प्रदर्शन कर रहे टीम कॉम्बिनेशन को अचानक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "लगातार तीन-चार मैचों में असफल होने पर हम अनुभवी खिलाड़ियों को ड्रॉप करके किसी ऐसे युवा को टीम में शामिल नहीं कर सकते, जो भले ही बेहद प्रतिभाशाली और बेहतरीन फॉर्म में हो।"
वैभव के कीर्तिमान
इस साल जुलाई में वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रचा था। वह 15 साल और 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ T20I डेब्यू कर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे कम उम्र के भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने थे। इसके बाद, उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 15 साल और 118 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाकर सबसे युवा भारतीय अर्धशतकवीर होने का कीर्तिमान भी बनाया।
हालांकि, शानदार शुरुआत के बाद उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज और जापान के खिलाफ T20I मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में वापसी करते हुए 21 गेंदों पर 38 रनों की अहम पारी खेली थी। फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ वह 9 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन भारत ने गोल्ड मेडल जीता और वैभव (15 साल, 6 महीने, 6 दिन) शूटर सौरभ चौधरी का रिकॉर्ड तोड़ते हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाले सबसे युवा भारतीय बन गए।
इनपुट: IANS


