वर्ल्ड आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप: भारतीय पहलवानों ने जीते 20 पदक, भारत अंक तालिका में चौथे स्थान पर
भारत में पहली बार आयोजित हो रही विश्व आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले दो दिनों में ही 20 पदक अपने नाम कर लिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
भारत में पहली बार आयोजित हो रही विश्व आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले दो दिनों में ही 20 पदक अपने नाम कर लिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दमदार शुरुआत के साथ भारत पदक तालिका में रूस, कजाकिस्तान और तुर्की के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
नई दिल्ली में हो रही 47वीं विश्व आर्म रेसलिंग और 28वीं विश्व पैरा आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप में 60 से अधिक देशों के 1,700 से ज्यादा एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन 'पीपल्स आर्म रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया' (पीएएफआई) द्वारा 'वर्ल्ड आर्म रेसलिंग फेडरेशन' (डब्ल्यूएएफ) के तत्वावधान में किया जा रहा है।
मास्टर्स और युवा वर्ग का दबदबा
भारत के खाते में अब तक 4 स्वर्ण, 2 रजत और 14 कांस्य पदक आए हैं। 29 अक्टूबर को 'मास्टर्स' दल का प्रदर्शन यादगार रहा, जहाँ उन्होंने 4 स्वर्ण, 1 रजत और 7 कांस्य पदक जीते। जिंसीमोल सेबेस्टियन ने 'ग्रैंड मास्टर महिला 80 किग्रा' वर्ग में दोनों हाथों (दाएं और बाएं) से स्वर्ण पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं, योगेश चौधरी ने 'मास्टर महिला प्लस 80 किग्रा' वर्ग में दाएं हाथ से स्वर्ण और बाएं हाथ से कांस्य जीता। शौकत वीटी ने भी 'मास्टर पुरुष 60 किग्रा' वर्ग में दाएं हाथ से स्वर्ण और बाएं हाथ से कांस्य पदक हासिल किया।
30 अक्टूबर को हुए लेफ्ट-आर्म फाइनल में युवा खिलाड़ियों ने कुल आठ पदक जीते। इनमें जिमीसन मारवेन का यूथ मेन्स 65 किग्रा वर्ग में जीता गया रजत पदक शामिल है। इसके अलावा, आभास राणा, लैथनसंगा, अजय कुमार, विष्णुप्रिया पी, आर्यन सिंह, युमनाम चिंगखेई सिंह और शेन सालिश ने अपनी-अपनी श्रेणियों में कांस्य पदक जीते।
भारत का अब तक का प्रदर्शन
पदकों के अलावा भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। कुल 128 भारतीय एथलीट 101 में से 90 फाइनल मुकाबलों तक पहुंचे, जिसमें 17 खिलाड़ी मामूली अंतर से पदक से चूककर चौथे स्थान पर रहे। ये नतीजे सब-जूनियर से लेकर ग्रैंड मास्टर तक, सभी आयु वर्गों में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं।
गुरुवार को इस चैंपियनशिप का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पूर्व खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की मौजूदगी में हुआ था। इस मौके पर डब्ल्यूएएफ के अध्यक्ष एसेन हाजितोडोरोव समेत कई अंतरराष्ट्रीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे। यह टूर्नामेंट प्रोफेशनल सर्किट में जाने के इच्छुक खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ा मंच है।
इनपुट: IANS


