सोचिए एक ऐसा दौर, जब गूगल मैप्स या सैटेलाइट नहीं थे। उस समय उत्तराखंड के एक शिक्षक ने सिर्फ अपने कदमों, एक कंपास और गजब की हिम्मत के सहारे विशाल हिमालय को नाप दिया था। हम…
21 अक्टूबर 1830 को पिथौरागढ़ (तब कुमाऊं) के मिलम गांव में जन्मे नैन सिंह एक व्यापारी परिवार से थे। तिब्बती भाषा और संस्कृति की गहरी समझ ने उन्हें ब्रिटिश हुकूमत की नजर मे…
देहरादून में दोनों भाइयों को जासूसी और सर्वे की अनोखी ट्रेनिंग दी गई। उन्हें सिखाया गया कि हर कदम 33 इंच का हो, 100 कदम गिनने के लिए माला का एक दाना फेरा जाए, प्रार्थना च…
1865-66 में उन्होंने अपनी पहली बड़ी यात्रा काठमांडू से ल्हासा तक की। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 1200 किलोमीटर की यात्रा में उन्होंने 300 से ज्यादा बिंदुओं की ऊंचाई मा…
उनकी असाधारण उपलब्धियों से प्रभावित होकर ब्रिटिश रॉयल जियोग्राफिकल सोसाइटी ने 1877 में उन्हें 'पैट्रन मेडल' से सम्मानित किया, जो उस समय विक्टोरिया क्रॉस के बराबर माना जात…
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