यूथ ओलंपिक: तन्वी पत्री ने रचा इतिहास, सेमीफाइनल में पहुँचकर मेडल की उम्मीद जगाई
भारतीय बैडमिंटन की युवा सनसनी तन्वी पत्री ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। वह यूथ ओलंपिक गेम्स के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बन गई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
भारतीय बैडमिंटन की युवा सनसनी तन्वी पत्री ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। वह यूथ ओलंपिक गेम्स के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बन गई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सेनेगल के डकार में चल रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में तन्वी ने बुधवार को क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया।
39 मिनट तक चले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में तीसरी वरीयता प्राप्त तन्वी ने थाईलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त काकानिक कुंगकाव को सीधे सेटों में 21-17, 21-13 से मात दी। इस जीत के साथ ही तन्वी पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर हैं। सेमीफाइनल जीतने पर उनका कम से कम रजत पदक पक्का हो जाएगा, जबकि हारने पर भी उन्हें कांस्य पदक के लिए मुकाबला करने का मौका मिलेगा।
सेमीफाइनल की बड़ी चुनौती
अब मेडल सुनिश्चित करने के लिए तन्वी का सामना जापान की युजुनो वातानाबे से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2024 में थाईलैंड में हुई 'पाथुम थानी जूनियर इंटरनेशनल सीरीज' में वातानाबे ने तन्वी को 14-21, 10-21 से हराया था। तन्वी के पास इस बार उस हार का बदला लेने का सुनहरा मौका है।
यूथ ओलंपिक में भारतीय शटलर
तन्वी से पहले सिर्फ तीन भारतीय पुरुष खिलाड़ी ही यूथ ओलंपिक के बैडमिंटन सेमीफाइनल तक का सफर तय कर पाए हैं। 2010 में एचएस प्रणॉय ने रजत पदक जीता था, जबकि 2018 में लक्ष्य सेन भी उपविजेता रहे थे। वहीं, 2014 में आदित्य जोशी सेमीफाइनल तक तो पहुँचे, लेकिन कोई पदक नहीं जीत सके। तन्वी के पास अब यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का अवसर है।
डकार यूथ ओलंपिक गेम्स की बैडमिंटन प्रतियोगिता दो चरणों में खेली जा रही है, जिसमें 32-32 खिलाड़ी पुरुष और महिला सिंगल्स में हिस्सा ले रहे हैं। ग्रुप स्टेज के बाद अब नॉकआउट मुकाबले हो रहे हैं और 5 नवंबर को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों का फैसला होगा।
इनपुट: IANS


