राजेश खन्ना का चेहरा और किशोर कुमार की आवाज़: 92 फिल्मों तक चला एक अटूट सिलसिला
बॉलीवुड में जब भी अभिनेता और गायक की सफल जोड़ियों की बात होती है, तो राजेश खन्ना और किशोर कुमार का नाम सबसे पहले ज़ेहन में आता है। यह एक ऐसा संगम था, जिसमें राजेश खन्ना के अभिनय को किशोर कुमार की…
बॉलीवुड में जब भी अभिनेता और गायक की सफल जोड़ियों की बात होती है, तो राजेश खन्ना और किशोर कुमार का नाम सबसे पहले ज़ेहन में आता है। यह एक ऐसा संगम था, जिसमें राजेश खन्ना के अभिनय को किशोर कुमार की आवाज़ ने अमर बना दिया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, किशोर कुमार ने राजेश खन्ना के करियर में कुल 92 फिल्मों के लिए 245 गाने गाए, जो अपने आप में एक मिसाल है।
इस जोड़ी के सुनहरे सफ़र की शुरुआत 1969 में आई फिल्म 'आराधना' से हुई। इस फिल्म के दो गाने 'मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू' और 'रूप तेरा मस्ताना' ज़बरदस्त हिट हुए। इन गानों ने न सिर्फ़ राजेश खन्ना को एक रोमांटिक हीरो के तौर पर स्थापित किया, बल्कि किशोर कुमार को 'रूप तेरा मस्ताना' के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिलाया। यहीं से एक ऐसे दौर का आग़ाज़ हुआ, जिसने हिंदी सिनेमा को कई यादगार नग्मे दिए।
सफलता का अटूट सिलसिला
'आराधना' के बाद तो जैसे यह जोड़ी सफलता की गारंटी बन गई। किशोर कुमार की खासियत थी कि वे राजेश खन्ना के हाव-भाव और अंदाज़ को अपनी गायकी में उतार देते थे, जिससे पर्दे पर गाना और अभिनेता एक-दूसरे में घुल जाते थे। 1971 की फिल्म 'कटी पतंग' के गाने 'ये शाम मस्तानी' और 'ये जो मोहब्बत है' आज भी गुनगुनाए जाते हैं।
इसी तरह 'अमर प्रेम' के 'चिंगारी कोई भड़के' और 'कुछ तो लोग कहेंगे' जैसे दार्शनिक गीतों ने भी गहरी छाप छोड़ी। चाहे 'मेरे जीवन साथी' का रूमानी गीत 'ओ मेरे दिल के चैन' हो या 'सफर' का 'जीवन से भरी तेरी आंखें', हर गाने में किशोर दा की आवाज़ राजेश खन्ना के किरदारों को एक नई गहराई देती थी।
हर मिज़ाज के यादगार गाने
इस जोड़ी ने सिर्फ़ रोमांटिक गाने ही नहीं दिए, बल्कि ज़िंदगी के फलसफे को बयां करते गीत भी खूब गाए। 'आनंद' फिल्म का 'जिंदगी कैसी है पहेली' या 'आप की कसम' का 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मकाम' जैसे गाने इसके बेहतरीन उदाहरण हैं। लता मंगेशकर के साथ गाया 'करवटें बदलते रहे सारी रात हम' भी बेहद लोकप्रिय हुआ। किशोर कुमार ने अपने करियर में आठ फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते और हिंदी के अलावा कई क्षेत्रीय भाषाओं में भी अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा।
इनपुट: IANS


