ISSF विश्व कप: स्वर्ण पदक जीतकर बोलीं नीरू ढांडा — 'अब भारत के लिए मेडल नियमित रूप से आएंगे'
इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में भारतीय शॉटगन शूटर नायब सूबेदार नीरू ढांडा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। 26 वर्षीय नीरू इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली…
इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में भारतीय शॉटगन शूटर नायब सूबेदार नीरू ढांडा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। 26 वर्षीय नीरू इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला ट्रैप शूटर बन गई हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने न सिर्फ फाइनल में फ्रांस की पूर्व विश्व चैंपियन कैरोल कॉर्मेनियर को हराया, बल्कि 121/125 के क्वालिफिकेशन स्कोर के साथ एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया।
इस ऐतिहासिक जीत ने पूरी भारतीय महिला ट्रैप टीम के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी है। नीरू ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, "पोडियम पर राष्ट्रीय झंडे को ऊपर जाते देखना एक जबरदस्त एहसास था। इससे मुझे एहसास हुआ कि दुनिया के बेस्ट शूटर हमारी पहुंच में हैं।" उन्होंने आगे जोड़ा कि बहुत लंबे समय से इस स्तर पर महिला ट्रैप में कोई पदक नहीं आया था, और इस स्वर्ण ने उस बाधा को तोड़ दिया है। नीरू ने विश्वास जताया, "अब इंडिया के लिए मेडल नियमित रूप से आएंगे।"
मानसिक मजबूती और भविष्य की तैयारी
फाइनल में एक विश्व चैंपियन का सामना करने की चुनौती पर नीरू ने अपनी मानसिक दृढ़ता को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, "जब आप एक विश्व चैंपियन के साथ मुकाबला करते हैं, तो आपको यकीन करना होता है कि आप भी एक चैंपियन हैं। मैंने बाकी सब कुछ ब्लॉक कर दिया और पूरी तरह से अपने रूटीन पर फोकस किया।" उनके अनुसार, शांत रहकर और वर्तमान में जीने से कुछ भी असंभव नहीं लगता।
यह जीत उनके लिए एक बड़ी यात्रा का पहला कदम है। नीरू ने कहा, "मेरा आखिरी लक्ष्य गोल लॉस एंजिल्स ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है, और उस सपने के लिए हमारी तैयारी यहीं से शुरू होती है।" टीम अब आने वाले बड़े वैश्विक टूर्नामेंटों और ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कोच ने की तारीफ
भारत के विदेशी शॉटगन कोच, पीटर विल्सन ने भी नीरू ढांडा के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि श्यामकेंट में एशियन चैंपियनशिप में मिली जीत नीरू के लिए एक अहम टर्निंग पॉइंट थी, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय सफलता का आत्मविश्वास दिया। विल्सन ने कहा, "उसने रेंज के बाहर बहुत ज्यादा मेहनत की है, और यह स्वर्ण पदक उसकी लगन का इनाम है। मैं चाहता हूं कि भारत ग्लोबल शॉटगन सर्किट पर हावी हो, न कि सिर्फ हिस्सा ले।"
इनपुट: IANS


