रविवार, 30 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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लाबुशेन की खराब फॉर्म पर पोंटिंग का बड़ा बयान: 'अब किसी और को आज़माने का वक़्त आ गया है'

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने मार्नस लाबुशेन को टेस्ट टीम से बाहर करने की पुरजोर वकालत की है। लाबुशेन लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं और बांग्लादेश के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज़…

लाबुशेन की खराब फॉर्म पर पोंटिंग का बड़ा बयान: 'अब किसी और को आज़माने का वक़्त आ गया है'
(फोटो: IANS)

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने मार्नस लाबुशेन को टेस्ट टीम से बाहर करने की पुरजोर वकालत की है। लाबुशेन लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं और बांग्लादेश के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज़ में भी उनका बल्ला खामोश रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पोंटिंग का मानना है कि सेलेक्टर्स ने लाबुशेन को फॉर्म में लौटने का पर्याप्त समय दे दिया है और अब बदलाव ज़रूरी हो गया है।

पोंटिंग की यह टिप्पणी बांग्लादेश के खिलाफ साउथ मैके में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दौरान आई, जहाँ लाबुशेन पहली पारी में सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। यह उनका लगातार खराब प्रदर्शन का एक और उदाहरण था। आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं — लाबुशेन अपनी पिछली 10 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं और एशेज 2023 के बाद से उनके बल्ले से कोई शतक नहीं निकला है।

तकनीकी खामियों पर पोंटिंग की राय

'सेवन' चैनल पर बात करते हुए पोंटिंग ने लाबुशेन की बल्लेबाज़ी की तकनीक पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मैं उस कोशिश की तारीफ करता हूं जो सिलेक्टर उन्हें वापस फॉर्म में लाने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, अब बहुत समय हो चुका है।" उन्होंने साफ़ कहा, "अब किसी और खिलाड़ी को आजमाने का सही समय आ गया है।"

पोंटिंग ने विस्तार से बताया, "वह बैकफुट पर खेलकर रन नहीं बना पा रहे हैं, और अगर आप टेस्ट क्रिकेट में बैकफुट पर रन नहीं बना सकते, तो बैटिंग मुश्किल हो जाती है। गेंदबाजों को अब पता है कि वे ऑफ स्टंप पर 10 मीटर से 4 मीटर की दूरी के बीच और जितना चाहें उतना वाइड गेंद डाल सकते हैं, और वह उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकते।"

टीम में बदलाव की लगातार मांग

यह पहली बार नहीं है जब पोंटिंग ने टीम में बदलाव की बात की है। डार्विन में पहले टेस्ट में बांग्लादेश के हाथों ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद भी उन्होंने टॉप-ऑर्डर में युवा खिलाड़ियों को मौका देने का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था, "जब तक हालात बहुत खराब न हो जाएं, तब तक मैं किसी को बाहर करने की बात नहीं करता। हालांकि, यहां आने से पहले ही ऐसे संकेत मिल चुके थे कि टीम में बदलाव शुरू कर देने चाहिए।"

ऑस्ट्रेलिया ने इस सीरीज़ में खराब फॉर्म से जूझ रहे जेक वेदरल्ड की जगह मैट रेनशॉ को टीम में शामिल किया था, लेकिन तीन साल बाद वापसी कर रहे रेनशॉ भी सिर्फ 8 रन बना सके। दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 64 रनों पर समेटने के बावजूद पहली पारी में 165 के स्कोर पर 8 विकेट गंवा दिए, जिससे टीम की बल्लेबाज़ी की समस्याएँ उजागर हो गईं।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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