चयन समिति बदली, पर शमी का इंतज़ार जारी: न्यूज़ीलैंड दौरे की टीम से भी अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ बाहर
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी की राष्ट्रीय टीम में वापसी का इंतज़ार और लंबा हो गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ होने वाली 5…
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी की राष्ट्रीय टीम में वापसी का इंतज़ार और लंबा हो गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 वनडे और 2 टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए टीम की घोषणा कर दी है, लेकिन एक बार फिर इस सूची से शमी का नाम नदारद है। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि हाल ही में 36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने चार साल बाद टीम में वापसी की थी, जिससे शमी के लिए भी उम्मीदें बढ़ गई थीं।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, चयन समिति में नेतृत्व परिवर्तन के बाद भी शमी को नज़रअंदाज़ किया गया है। अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रज्ञान ओझा को अंतरिम मुख्य चयनकर्ता बनाया गया और उनकी अध्यक्षता में चुनी गई पहली टीम (न्यूज़ीलैंड टी20 सीरीज़) में ही भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया गया था। इस कदम से संकेत मिले थे कि चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों पर फिर से विचार कर रहे हैं, लेकिन वनडे और टेस्ट टीम के चयन में यह रुख़ शमी के लिए नहीं दिखा।
प्रदर्शन के बावजूद अनदेखी
मोहम्मद शमी ने आखिरी बार 9 मार्च, 2025 को चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत के लिए खेला था। इसके बाद से वह लगातार घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे हैं और रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंटों में अपनी फॉर्म और फिटनेस साबित की है। इसके बावजूद अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली पिछली चयन समिति ने उन्हें लगातार नज़रअंदाज़ किया। मौजूदा चयनकर्ताओं ने भी जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति के बावजूद शमी पर भरोसा नहीं जताया।
युवाओं को तरजीह, अनुभव दरकिनार
चयनकर्ताओं ने शमी के बजाय टीम में युवा तेज़ गेंदबाज़ों को मौका दिया है। इनमें चोटिल प्रसिद्ध कृष्णा के साथ-साथ अंशुल कंबोज, यश ठाकुर और आकिब नबी जैसे नाम शामिल हैं। 2023 विश्व कप में 7 मैचों में 24 विकेट लेकर भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले शमी को बाहर रखने का फैसला कई सवाल खड़े करता है, खासकर जब 2027 विश्व कप में लगभग एक साल ही बाकी है। शमी ने अपने करियर में 108 वनडे मैचों में 206 विकेट लिए हैं और उनका अनुभव दक्षिण अफ्रीका जैसी पिचों पर बेहद कारगर साबित हो सकता है।
इनपुट: IANS


