एशियाई गेम्स में सिल्वर मेडल: ऑटो ड्राइवर पिता के तानों से लेकर पोडियम तक, एंसी सोजन की संघर्ष-गाथा
एशियाई गेम्स 2026 में भारत को लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल दिलाने वाली एंसी सोजन के लिए यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि सालों के संघर्ष और त्याग का इनाम है। एक ऑटो ड्राइवर की बेटी, जिन्होंने तंगहाली में…
एशियाई गेम्स 2026 में भारत को लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल दिलाने वाली एंसी सोजन के लिए यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि सालों के संघर्ष और त्याग का इनाम है। एक ऑटो ड्राइवर की बेटी, जिन्होंने तंगहाली में नंगे पैर ट्रेनिंग शुरू की थी, आज अंतरराष्ट्रीय पोडियम पर चमक रही हैं। नागोया में हुए मुकाबले के बाद उन्होंने उन दिनों को याद किया जब उनके पिता को समाज के तानों का सामना करना पड़ता था।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एंसी ने अपने करियर की शुरुआती मुश्किलों को साझा करते हुए बताया, "शुरुआत में हमारे पास कुछ नहीं था। मैंने नंगे पैर शुरुआत की थी।" उनके पिता जब उन्हें सुबह-सुबह ट्रेनिंग के लिए ले जाते, तो लोग सवाल उठाते थे कि क्या वह एथलेटिक्स में कुछ कर पाएंगी और क्या यह सुरक्षित भी है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा में जीता चाँदी का तमगा
नागोया में हुए रोमांचक फाइनल में एंसी सोजन ने 6.53 मीटर की शानदार छलांग लगाई, जिससे वह गोल्ड मेडल की दौड़ में बनी रहीं। हालांकि, चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपनी आखिरी कोशिश में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर उन्हें मात्र दो सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ दिया। 26 वर्षीय एंसी के लिए यह एक लंबे अंतराल के बाद पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है।
उन्होंने कहा, "मुझे भी गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, लेकिन इस मौसम में यह नतीजा बुरा नहीं है। मैंने अपना शत प्रतिशत दिया, लेकिन सिल्वर मेडल से खुश हूं।"
पिता और परिवार को समर्पित किया मेडल
इस कामयाबी का श्रेय एंसी ने अपने परिवार, कोच और पिता के अटूट भरोसे को दिया। उन्होंने कहा, "यह मेरी कड़ी मेहनत और मेरे पिता के समर्पण का नतीजा है। जब मैं चोटिल थी, तब उन्होंने एक मजबूत सहारे की तरह मेरा साथ दिया।" एंसी ने बताया कि यह पदक उन लोगों के विश्वास का इनाम है जिन्होंने उनके 10 साल के लंबे इंतजार भरे सफर में उनका साथ दिया।
यह मेडल एंसी के लिए एक बेहतरीन सीजन का शानदार अंत है। इसी साल उन्होंने भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर इवेंट में 6.88 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया था। उन्होंने कहा, "इस साल का मेरा सीजन यहीं खत्म हो रहा है। इसीलिए मैं अपनी मेहनत और त्याग को और ज्यादा समर्पित कर रही हूं।"
इनपुट: IANS


