सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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U-23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप: भारत की पदक उम्मीदें कायम, जसकरन और चंद्रमोहन ब्रॉन्ज के लिए लड़ेंगे

लास वेगास में चल रही अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत की पदक तालिका में बढ़ोतरी की उम्मीदें अभी बाकी हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रविवार को दो भारतीय पहलवान, जसकरन सिंह (65 किग्रा) और…

U-23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप: भारत की पदक उम्मीदें कायम, जसकरन और चंद्रमोहन ब्रॉन्ज के लिए लड़ेंगे
(फोटो: IANS)

लास वेगास में चल रही अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत की पदक तालिका में बढ़ोतरी की उम्मीदें अभी बाकी हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रविवार को दो भारतीय पहलवान, जसकरन सिंह (65 किग्रा) और चंद्रमोहन, अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले हार गए, लेकिन अब दोनों के पास ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका होगा। वहीं, शिवम (97 किग्रा) भी रेपेचेज राउंड के जरिए कांस्य पदक की दौड़ में बने हुए हैं।

इससे पहले, भारत इस प्रतियोगिता में दो पदक जीत चुका है। अमृता ने महिलाओं के 72 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया था, जबकि कोमल ने 59 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

सेमीफाइनल में भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन

65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में, जसकरन सिंह को सेमीफाइनल में जापान के काइजी ओगिनो के खिलाफ 11-0 से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनका फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। हालांकि, फाइनल तक का उनका सफर शानदार रहा था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन बैसेट को 6-3 से हराया था। इस मैच में उन्होंने 10 सेकंड से भी कम समय में एक 4-पॉइंट का दांव लगाकर बढ़त हासिल की थी। अब वह कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगे।

वहीं, चंद्रमोहन को 74 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में ईरान के पूर्व अंडर-20/अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियन महदी मोहम्मद यूसुफीहाजिवर से अंकों के आधार पर 3-4 की करीबी हार मिली। चंद्रमोहन ने टूर्नामेंट में बेहतरीन शुरुआत करते हुए क्वालिफिकेशन में जोसेफ ली सीली को 11-1, प्री-क्वार्टर में ब्राजील के कोरिया लीमा को 14-0 और क्वार्टर फाइनल में जियोर्जी गोग्रिचियानी को 14-4 से तकनीकी बढ़त के आधार पर हराया था।

शिवम के पास रेपेचेज का मौका

97 किग्रा वर्ग में शिवम अपना पहला मुकाबला ईरान के मुखमेद ताखिर यूसुफीहाजिवर से हार गए थे। लेकिन चूंकि ईरानी पहलवान फाइनल में पहुंच गए हैं, इसलिए शिवम को रेपेचेज राउंड में खेलने का अवसर मिलेगा। इससे उनके पास भी ब्रॉन्ज मेडल तक पहुंचने का एक और मौका होगा।

गौरतलब है कि भारत इस चैंपियनशिप में कई भार वर्गों में अपने पहलवान नहीं उतार सका, क्योंकि अंडर-20 आयु वर्ग के कई एथलीट्स को वीजा देने से इनकार कर दिया गया था।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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