एशेज 2027: हेडिंग्ले को बाहर रखने पर भड़के बेन स्टोक्स, ECB के फैसले को बताया 'शर्मनाक'
इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने 2027 की एशेज सीरीज के लिए हेडिंग्ले स्टेडियम को मेजबानी सूची से बाहर रखने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले को 'शर्मनाक' और…
इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने 2027 की एशेज सीरीज के लिए हेडिंग्ले स्टेडियम को मेजबानी सूची से बाहर रखने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले को 'शर्मनाक' और 'बेतुका' करार दिया है। स्टोक्स की यह टिप्पणी उन कई मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों की आवाज़ में शामिल हो गई है जो इंग्लैंड के उत्तरी हिस्से में कोई भी टेस्ट मैच न रखे जाने से निराश हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, स्टोक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "शर्मनाक कहना कम होगा। 'बेतुका' कहना ज्यादा सही रहेगा।" स्टोक्स ने यह टिप्पणी लीड्स में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की एक पारी और 103 रन की शानदार जीत के संदर्भ में की थी।
उत्तरी मैदानों को क्यों किया गया नज़रअंदाज़?
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने 2027 एशेज सीरीज के लिए पांच मैदानों की घोषणा की थी, जिनमें ट्रेंट ब्रिज, लॉर्ड्स, एजबेस्टन, रोज बाउल और द ओवल शामिल हैं। इस घोषणा का मतलब था कि हेडिंग्ले और ओल्ड ट्रैफर्ड जैसे ऐतिहासिक मैदानों को इस प्रतिष्ठित सीरीज की मेजबानी से वंचित कर दिया गया है। हालांकि, ये दोनों मैदान 2031 में एशेज टेस्ट की मेजबानी करेंगे, लेकिन 2027 में इनकी गैरमौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं।
रूट और बुचर ने भी जताई नाराज़गी
स्टोक्स से पहले, हाल ही में नियुक्त टेस्ट कप्तान जो रूट ने भी इस फैसले को शर्मनाक बताया था। उन्होंने हेडिंग्ले में इंग्लैंड के शानदार रिकॉर्ड का हवाला दिया, जहां टीम ने लगातार सात टेस्ट मैच जीते हैं। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज मार्क बुचर ने भी इस निर्णय पर हैरानी जताते हुए कहा कि एशेज जैसी बड़ी सीरीज में देश के हर हिस्से को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यह हैरान करने वाला लगता है कि अगले साल ट्रेंट ब्रिज को छोड़कर इंग्लैंड के उत्तर में कहीं भी एशेज मैच नहीं खेला जाएगा।"
इनपुट: IANS


