एशियन गेम्स बॉक्सिंग: लवलीना बोरगोहेन फाइनल में, कपिल और प्रिया को कांस्य पदक
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी के लिए शनिवार का दिन मिला-जुला रहा। जहाँ एक ओर स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शानदार वापसी करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, वहीं कपिल पोखरिया और…
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी के लिए शनिवार का दिन मिला-जुला रहा। जहाँ एक ओर स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शानदार वापसी करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, वहीं कपिल पोखरिया और प्रिया घंघस को सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस जीत के साथ ही लवलीना ने भारत के लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है।
लवलीना का फाइनल में दमदार प्रवेश
75 किलोग्राम वर्ग के एक कड़े मुकाबले में लवलीना बोरगोहेन ने कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवो को 3-2 से मात दी। यह जीत आसान नहीं थी, क्योंकि पहले राउंड में लवलीना 2-3 से पिछड़ गई थीं। हालांकि, उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए जबरदस्त वापसी की और दूसरे व तीसरे राउंड में जीत हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ, लवलीना लगातार दो एशियाई खेलों के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
कपिल और प्रिया चूके, कांस्य जीता
पुरुषों के 90 किलोग्राम वर्ग में अपने एशियन गेम्स डेब्यू में कपिल पोखरिया को कांस्य पदक मिला। सेमीफाइनल में उनका सामना उज्बेकिस्तान के तुरबेक खबीबुल्लाव से हुआ, जिसमें उन्हें 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। उज्बेक मुक्केबाज ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और पहले राउंड में 5-0 तथा दूसरे में 4-1 से जीत हासिल कर कपिल को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
वहीं, एक अन्य महिला मुक्केबाज प्रिया घंघस को भी सेमीफाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की यांग चेंग्यू के खिलाफ हुए मुकाबले में प्रिया लय हासिल नहीं कर सकीं और 1-4 से हार गईं। चीनी खिलाड़ी के मजबूत डिफेंस और सटीक हमलों के सामने प्रिया का आक्रामक खेल फीका पड़ गया, और उन्हें भी कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
इनपुट: IANS


