एशियन गेम्स 2026: गोल्ड मेडल बचाने और ओलंपिक टिकट पर नज़र के साथ मैदान में उतरेंगी भारतीय हॉकी टीमें
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें इस रविवार से एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही हैं। दोनों टीमों का लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में अपनी जगह पक्की…
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें इस रविवार से एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही हैं। दोनों टीमों का लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में अपनी जगह पक्की करना भी होगा, क्योंकि गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को सीधा ओलंपिक टिकट मिल जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, हाल के वर्ल्ड कप में दोनों टीमों का प्रदर्शन काफी अलग रहा था, और अब वे एशियन गेम्स में उस अनुभव से सीखते हुए बेहतर नतीजों की उम्मीद कर रही हैं।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में पुरुष टीम काकामिगाहारा के गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में इंडोनेशिया के खिलाफ अपने अभियान का आगाज़ करेगी। टीम का लक्ष्य अपने गोल्ड मेडल का बचाव करना होगा। वहीं, सलीमा टेटे के नेतृत्व में महिला टीम भी इसी मैदान पर उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी।
पुरुष टीम: वर्ल्ड कप की निराशा भुलाने का इरादा
हालिया वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था और उसे आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा था। अब टीम उन गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ना चाहती है। कोच क्रेग फुल्टन ने भी टीम की कमियों पर काम करने पर जोर दिया है। फुल्टन ने कहा, "ये सबक हैं, और इन्हें सीख के तौर पर लेने का एकमात्र तरीका है कि उस सीख को असल काम में बदला जाए। हमने हर पहलू को देखा है और उन क्षेत्रों की पहचान की है जिनमें सुधार की जरूरत है।" भारतीय पुरुष टीम ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में चार बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता है। पूल ए में भारत का मुकाबला इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, बांग्लादेश और श्रीलंका से होगा।
महिला टीम: ऐतिहासिक प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती
भारतीय महिला टीम वर्ल्ड कप 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखना चाहेगी। हालांकि टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन पांचवां स्थान हासिल करना 52 सालों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। टीम ने 1982 में एकमात्र एशियन गेम्स गोल्ड जीता था और पिछले संस्करण में कांस्य पदक अपने नाम किया था। कोच मारिज्ने ने वर्ल्ड कप की सफलता को याद करते हुए कहा, "हमने कुछ कमाल का और ऐतिहासिक किया, लेकिन हमें अगले टूर्नामेंट की ओर बढ़ना होगा।" पूल बी में भारत के साथ उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर हैं। चार बार की चैंपियन चीन से उन्हें कड़ी चुनौती मिलेगी।
इनपुट: IANS


