एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड जीतने वाले सुखजीत सिंह ने परिवार को दिया सफलता का श्रेय
भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी सुखजीत सिंह ने एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड मेडल जीतने को अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि टीम के लगातार बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से खिलाड़ियों को…
भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी सुखजीत सिंह ने एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड मेडल जीतने को अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि टीम के लगातार बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से खिलाड़ियों को देशवासियों का भरपूर प्यार और समर्थन मिल रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, सुखजीत ने यह भी कहा कि टीम के लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लेने से खिलाड़ियों पर उम्मीदें और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ गई हैं।
एशियन गेम्स के अपने अनुभव को शानदार बताते हुए सुखजीत ने देशवासियों से भारतीय हॉकी को इसी तरह समर्थन देते रहने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि खिलाड़ी भविष्य में भी देश के लिए पदक जीतने का प्रयास करते रहेंगे।
परिवार का साथ और पिता का सपना
एक खिलाड़ी के लिए शीर्ष स्तर तक पहुंचने की यात्रा को चुनौतीपूर्ण बताते हुए सुखजीत ने अपने परिवार के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "आज मैंने जो मुकाम हासिल किया है, उसमें मेरे परिवार के समर्थन की अहम भूमिका रही है।"
उनके पिता भी हॉकी खिलाड़ी थे और चाहते थे कि बेटा भी इस खेल में नाम कमाए। इस पर सुखजीत ने कहा कि इसे दबाव नहीं कहा जा सकता, क्योंकि हॉकी में आगे बढ़ना उनकी खुद की भी इच्छा थी। उन्होंने अपनी सभी उपलब्धियों का श्रेय अपने परिवार को दिया।
पाकिस्तान के खिलाफ सबसे चुनौतीपूर्ण मैच
जब उनसे एशियन गेम्स के सबसे मुश्किल मुकाबले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ हुए सेमीफाइनल मैच का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला हमेशा अलग होता है। ऐसे मैच में टीम की रणनीति और मानसिकता काफी अहम होती है।"
सुखजीत ने बताया कि टीम ने इस बड़े मैच से पहले अपनी रणनीति और खेल के ढांचे पर ही ध्यान केंद्रित किया था। खिलाड़ियों को निर्देश दिया गया था कि वे कुछ भी अतिरिक्त करने की कोशिश न करें, बल्कि अपनी बुनियादी खेल पर भरोसा रखें। इसी रणनीति के दम पर टीम ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह पक्की की थी।
इनपुट: IANS


