मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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एशियाई खेल, ओलंपिक और कॉमनवेल्थ: इन तीन बड़े खेल आयोजनों में क्या है फर्क और ये भारत के लिए क्यों हैं अहम?

दुनिया के सबसे बड़े खेल मंच ओलंपिक से लेकर कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों तक, भारतीय एथलीटों के पास अपनी प्रतिभा दिखाने के कई बड़े अवसर होते हैं। ये तीनों ही आयोजन प्रतिष्ठा और प्रतिस्पर्धा के शिखर हैं…

एशियाई खेल, ओलंपिक और कॉमनवेल्थ: इन तीन बड़े खेल आयोजनों में क्या है फर्क और ये भारत के लिए क्यों हैं अहम?
(फोटो: IANS)

दुनिया के सबसे बड़े खेल मंच ओलंपिक से लेकर कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों तक, भारतीय एथलीटों के पास अपनी प्रतिभा दिखाने के कई बड़े अवसर होते हैं। ये तीनों ही आयोजन प्रतिष्ठा और प्रतिस्पर्धा के शिखर हैं, लेकिन इनके दायरे, इतिहास और इनमें हिस्सा लेने वाले देशों में बड़ा अंतर है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहाँ ओलंपिक में लगभग पूरी दुनिया शामिल होती है, वहीं बाकी दो खेल कुछ विशेष क्षेत्रों तक ही सीमित हैं।

भारतीय खिलाड़ियों के लिए एशियाई खेल विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहाँ किया गया शानदार प्रदर्शन उन्हें कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों का टिकट दिला सकता है। यही कारण है कि एथलीट इन खेलों में पदक जीतने के लिए जी-जान से मेहनत करते हैं। अगला एशियाई खेल (20वां संस्करण) 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित होगा।

ओलंपिक: खेल का विश्व मंच

ओलंपिक खेलों को दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन माना जाता है, जिसमें लगभग सभी देश हिस्सा लेते हैं। आधुनिक ओलंपिक की शुरुआत 1896 में हुई थी। भारत ने ओलंपिक में अब तक कुल 41 पदक जीते हैं, जिनमें 10 स्वर्ण, 10 रजत और 21 कांस्य पदक शामिल हैं। पिछला संस्करण 2024 में पेरिस में हुआ था और अगला 2028 में लॉस एंजिल्स में होगा।

राष्ट्रमंडल खेल: एक ऐतिहासिक विरासत

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में ब्रिटिश साम्राज्य ने की थी। इसमें मुख्य रूप से वे 74 देश हिस्सा लेते हैं जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे हैं। भारत इन खेलों में बेहद सफल रहा है और पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथे स्थान पर है। भारत ने अब तक 215 स्वर्ण, 206 रजत और 178 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।

एशियाई खेल: महाद्वीप का महाकुंभ

एशियाड के नाम से भी मशहूर एशियाई खेल, एशिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन है। इसमें ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया से मान्यता प्राप्त 45 एशियाई देश ही भाग ले सकते हैं। 1951 में इसकी शुरुआत के बाद से भारत ने हर संस्करण में हिस्सा लिया है। चीन के हांगझोऊ में हुए 2022 के खेलों में भारत ने 106 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।

एशियाई खेलों में भारत का स्थान

एशियाई खेलों के इतिहास में भारत कुल पदकों के मामले में पांचवें स्थान पर है। भारत ने अब तक कुल 778 पदक (183 स्वर्ण, 238 रजत, 357 कांस्य) जीते हैं। इस सूची में चीन (3,570), जापान (3,242), और कोरिया (2,425) शीर्ष तीन स्थानों पर हैं। ईरान 611 पदकों के साथ चौथे स्थान पर है, क्योंकि उसके स्वर्ण पदकों की संख्या भारत से अधिक है।

इनपुट: IANS

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