रविवार, 1 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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एशियन गेम्स 2026: जुझारू प्रदर्शन के बाद रोशिबिना देवी ने वुशु में जीता सिल्वर, फाइनल में चीन से मिली हार

जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की वुशु स्टार नाओरेम रोशिबिना देवी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा इवेंट के फाइनल में उन्हें चीन की…

एशियन गेम्स 2026: जुझारू प्रदर्शन के बाद रोशिबिना देवी ने वुशु में जीता सिल्वर, फाइनल में चीन से मिली हार
(फोटो: IANS)

जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की वुशु स्टार नाओरेम रोशिबिना देवी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा इवेंट के फाइनल में उन्हें चीन की मजबूत प्रतिद्वंद्वी झांग शियाओयू के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी खिलाड़ी ने दोनों राउंड 5-0 से जीतकर कुल 10-0 के स्कोर से स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

यह लगातार दूसरा मौका है जब रोशिबिना ने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है। 25 वर्षीय मणिपुरी एथलीट इस बार अपने पदक का रंग बदलने के इरादे से उतरी थीं, लेकिन अपने लक्ष्य से चूक गईं। हालांकि, उनका यह प्रदर्शन बेहद सराहनीय है, खासकर यह देखते हुए कि चोट के कारण टीम में उनका चयन भी मुश्किल में पड़ गया था।

चोट से वापसी और फाइनल तक का सफर

एक साल पहले घुटने की चोट से जूझने वाली रोशिबिना ट्रायल्स में दिव्यांशी चौधरी से हार गई थीं, जिस वजह से वह खेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत सात सदस्यीय वुशु टीम में जगह बनाने से चूक गई थीं। हालांकि, बाद में दिव्यांशी को हाई-ग्रेड एसीएल टियर की चोट लगने के कारण वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उनकी जगह रोशिबिना को टीम में शामिल किया।

टूर्नामेंट में रोशिबिना ने शानदार वापसी की। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मकाओ की चू मान सिन को 5-0 से हराकर अपना पदक पक्का किया था। वुशु की सांडा श्रेणी में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ी का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाता है। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई थी।

एशियन गेम्स में पदकों की हैट्रिक

यह एशियन गेम्स में रोशिबिना का कुल तीसरा पदक है, जो उनकी निरंतरता और प्रतिभा को दर्शाता है। उन्होंने 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इससे पहले, 2018 में जकार्ता-पालेमबांग में हुए खेलों में उन्होंने 17 साल की उम्र में कांस्य पदक अपने नाम किया था। लगातार बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतना उनके असाधारण कौशल का प्रमाण है।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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