एशियाई खेलों में दो रजत: केरल की पहली महिला निशानेबाज़ बनीं विदर्सा विनोद, रचा इतिहास
केरल की 27 वर्षीय निशानेबाज़ विदर्सा विनोद ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे 2026 एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली केरल की पहली महिला…
केरल की 27 वर्षीय निशानेबाज़ विदर्सा विनोद ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे 2026 एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली केरल की पहली महिला निशानेबाज़ बन गई हैं, जिससे पूरे देश में खुशी की लहर है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, विदर्सा उस भारतीय दल का हिस्सा थीं जिसने इन खेलों में देश के लिए पदकों का खाता खोला।
विदर्सा ने रविवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। इससे पहले शनिवार (26 सितंबर) को उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोज़िशन टीम स्पर्धा में भी रजत पदक अपने नाम किया था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर चारों ओर से बधाइयां मिल रही हैं।
परिवार और राजनेताओं ने दी बधाई
विदर्सा की इस शानदार कामयाबी पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने लिखा, "विदर्सा विनोद ने एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली केरल की पहली महिला निशानेबाज बनकर इतिहास रच दिया है। न केवल केरल, बल्कि पूरा देश उनकी इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।" उन्होंने दिल्ली लौटने पर विदर्सा को बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
परिवार में जश्न का माहौल
विदर्सा के पिता विनोद कोचालुंगकल ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी का एशियाई खेलों के लिए चयन होना ही उनके परिवार के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, और दो पदक जीतना गर्व का क्षण है। थिरुवंबडी के पास थंबलमन्ना जैसे छोटे से गांव से आने वाली विदर्सा की इस अंतरराष्ट्रीय पहचान पर उन्होंने कहा, "हमारी बेटी को एक छोटे से गांव से आकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल करते देखना एक ऐसा एहसास है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।" विदर्सा की मां अनीता विनोद ने उम्मीद जताई कि एक दिन उनकी बेटी ओलंपिक पोडियम पर भी देश का नाम रोशन करेगी।
इनपुट: IANS


