मंगलवार, 3 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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एशियन पैरा गेम्स: चयन में भेदभाव का आरोप, पैरा-शटलर प्रेमा विश्वास ने PM मोदी से लगाई न्याय की गुहार

भारत की अंतरराष्ट्रीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी प्रेमा विश्वास ने आगामी आईची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स की चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक अपील जारी कर आरोप लगाया…

एशियन पैरा गेम्स: चयन में भेदभाव का आरोप, पैरा-शटलर प्रेमा विश्वास ने PM मोदी से लगाई न्याय की गुहार
(फोटो: IANS)

भारत की अंतरराष्ट्रीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी प्रेमा विश्वास ने आगामी आईची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स की चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक अपील जारी कर आरोप लगाया है कि बेहतर रैंकिंग के बावजूद उनकी एंट्री जानबूझकर देर से भेजी गई, जिसके कारण उन्हें टीम में जगह नहीं मिल सकी। इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, डब्ल्यूएच1 (WH1) श्रेणी की एथलीट प्रेमा का कहना है कि उनकी एशियाई एकल रैंकिंग 8 और महिला डबल्स में टॉप 6 है, फिर भी उनसे कम रैंक वाली खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर लिया गया। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, "जब एकल में 11वीं रैंक तक के खिलाड़ी के लिए एंट्री दाखिल की गईं, तो मेरी एंट्री क्यों छोड़ दी गईं? मुझे अपनी सालों की मेहनत और रैंकिंग का नुकसान क्यों उठाना चाहिए?"

चयन प्रक्रिया पर गंभीर आरोप

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की रहने वाली प्रेमा ने बताया कि उनकी एंट्री पहले भेजी ही नहीं गई और जब आखिरकार भेजी गई, तो इतनी देर हो चुकी थी कि उसे स्वीकार नहीं किया जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया, "इसमें मेरी क्या गलती है?" प्रेमा ने इजिप्ट पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल 2025 में दो कांस्य पदक जीते थे, जो पैरा-एशियन गेम्स की चयन रैंकिंग का हिस्सा था।

भावुक अपील में बयां किया संघर्ष

अपनी आर्थिक और निजी मुश्किलों का जिक्र करते हुए पैरा-शटलर ने कहा, "मैं एक वंचित पृष्ठभूमि से आती हूँ। मैंने अपने पिता को खो दिया है। मेरे पास कोई नियमित नौकरी या किसी भी तरह का सहयोग नहीं है।" उन्होंने बताया कि वह लोगों से मदद मांगकर और बेहद कठिन हालात में ट्रेनिंग करके इस स्तर तक पहुँची हैं।

प्रेमा के लिए यह सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उनके करियर का एक बड़ा सपना है। उन्होंने कहा, "यह मेरे करियर का पहला और शायद आखिरी एशियन पैरा गेम्स है।" न्याय की गुहार लगाते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, "मैं कोई फेवर नहीं मांग रही हूँ। मैं बस इंसाफ मांग रही हूँ। मैं बस अपने देश के लिए खेलने का एक मौका मांग रही हूँ।"

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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