टेबल टेनिस: 72 साल बाद हरमीत और यशस्वीनी ने रचा इतिहास, एशियन चैंपियनशिप में भारत का पदक पक्का
एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भारत का 72 साल लंबा इंतजार खत्म हो गया है। हरमीत देसाई और यशस्वीनी घोरपड़े की भारतीय जोड़ी ने ताशकंद में चल रही इस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में…
एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भारत का 72 साल लंबा इंतजार खत्म हो गया है। हरमीत देसाई और यशस्वीनी घोरपड़े की भारतीय जोड़ी ने ताशकंद में चल रही इस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचकर देश के लिए एक पदक सुनिश्चित कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह 1954 के बाद पहली बार है जब भारत ने इस स्पर्धा में कोई मेडल पक्का किया है।
शुक्रवार को हुए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हरमीत और यशस्वीनी ने दक्षिण कोरिया के पार्क गैंगह्योन और ली डेउन को 3-2 से मात दी। इस जीत के साथ ही उन्होंने कम से कम कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। अब फाइनल में जगह बनाने के लिए उनका सामना जापान के सोरा मात्सुशिमा और मिवा हारिमोटो की जोड़ी से होगा।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
एक अन्य भारतीय मिक्स्ड डबल्स जोड़ी, पायस जैन और सिंड्रेला दास, हालांकि पदक से चूक गई। उन्हें क्वार्टर फाइनल में चीन के यी चेन और हुआंग युझेंग के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा।
एशियन गेम्स की निराशा के बाद वापसी
हरमीत देसाई और यशस्वीनी घोरपड़े, दोनों ही हाल में हुए एशियन गेम्स से खाली हाथ लौटे थे। गेम्स में हरमीत ने तीन स्पर्धाओं—मेंस टीम, मिक्स्ड डबल्स (यशस्वीनी के साथ) और मेंस डबल्स (सत्यन ज्ञानसेकरन के साथ)—में हिस्सा लिया था, लेकिन किसी में भी पदक नहीं जीत पाए। वहीं, यशस्वीनी भी विमेंस सिंगल्स, विमेंस डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में पदक जीतने में असफल रही थीं। इस ऐतिहासिक जीत ने उस निराशा को पीछे छोड़ दिया है।
इनपुट: IANS


