एशियन गेम्स 2026: एथलीट विलेज के बिना भी सफल आयोजन, OCA ने इस 'नए मॉडल' को सराहा
जापान के आइची-नागोया में हुए एशियन गेम्स 2026 ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। पारंपरिक एथलीट विलेज के बिना भी इस बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने आयोजकों की…
जापान के आइची-नागोया में हुए एशियन गेम्स 2026 ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। पारंपरिक एथलीट विलेज के बिना भी इस बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने आयोजकों की सराहना की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, OCA ने माना कि शुरुआत में चुनौतियां थीं, लेकिन अंततः खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए बेहतरीन माहौल और सुविधाएं दी गईं, जो सबसे महत्वपूर्ण है।
इस बार एथलीटों को एक जगह बने विशाल खेल गाँव के बजाय कंटेनरों, क्रूज जहाजों और होटलों में ठहराया गया था। इस 'डिस्ट्रिब्यूटेड अकोमोडेशन मॉडल' को भविष्य के आयोजनों के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
नया मॉडल, नया अनुभव
OCA समन्वय समिति के अध्यक्ष मोहम्मद तैयब इकराम ने इस मॉडल को एक नया और सफल प्रयोग बताया। सिन्हुआ के हवाले से उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "चुनौतियों के बिना कोई खेल नहीं होता। हमने चुनौतियों का जिस तरह से सामना किया, उसे उजागर करना अधिक महत्वपूर्ण होना चाहिए।" उन्होंने स्वीकार किया कि खेलों के संचालन को लेकर कुछ चिंताएं और शिकायतें मिली थीं, लेकिन ज़ोर इस बात पर दिया गया कि उन समस्याओं का समाधान कैसे किया गया और एथलीटों को लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं के मामले में सर्वोत्तम संभव परिस्थितियां मिलीं या नहीं।
इकराम ने कहा, "जब इस मॉडल का प्रस्ताव दिया गया था तो इसे समझना मुश्किल था, लेकिन अब हमारे पास एक अच्छा अनुभव है। हो सकता है कि अन्य खेल भी इस पर विचार करें।" उन्होंने यह भी बताया कि आयोजन के दौरान एथलीटों और अन्य हितधारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना OCA की सर्वोच्च प्राथमिकता थी।
शानदार प्रदर्शन ही सफलता का सबूत
OCA के महानिदेशक हुसैन अल मुसल्लम ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को आयोजन की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना बताया। उन्होंने कहा, "आंकड़े खुद सब कुछ बताते हैं।" उनका इशारा खेलों के दौरान बने कई विश्व और एशियाई रिकॉर्ड की तरफ था।
उन्होंने तर्क दिया, "अगर खिलाड़ियों को अच्छी नींद नहीं मिलेगी, तो वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। अगर उन्हें आने-जाने की सही व्यवस्था नहीं मिलेगी, तो भी उनका प्रदर्शन प्रभावित होगा। अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं और पौष्टिक भोजन भी उतने ही जरूरी हैं।" अल मुसल्लम के मुताबिक, ये रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण हैं कि आयोजकों ने खिलाड़ियों के लिए एक उत्कृष्ट माहौल तैयार किया था।
भविष्य के लिए एक टिकाऊ विकल्प
अल मुसल्लम ने इस नए मॉडल का एक और बड़ा फायदा गिनाया। उन्होंने कहा कि इससे मेजबान शहरों को विशाल एथलीट्स विलेज बनाने और बाद में उसके रखरखाव के बोझ से मुक्ति मिल सकती है। अक्सर ऐसे बड़े निर्माण खेल खत्म होने के बाद बेकार पड़े रहते हैं और 'व्हाइट एलिफेंट' बन जाते हैं। यह नया तरीका इस समस्या से बचने में मदद कर सकता है, बशर्ते खिलाड़ियों की सुविधाओं से कोई समझौता न हो।
इनपुट: IANS


