क्रिकेट में नया अध्याय: अब T20 में भी दाँव पर होगी ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड की प्रतिष्ठित 'रोज़ बाउल ट्रॉफी'
क्रिकेट की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महिला टीमों के बीच प्रतिद्वंद्विता अब एक नए मुकाम पर पहुँच गई है। 1985 से चली आ रही प्रतिष्ठित 'रोज़ बाउल ट्रॉफी', जो अब तक सिर्फ वनडे सीरीज के…
क्रिकेट की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महिला टीमों के बीच प्रतिद्वंद्विता अब एक नए मुकाम पर पहुँच गई है। 1985 से चली आ रही प्रतिष्ठित 'रोज़ बाउल ट्रॉफी', जो अब तक सिर्फ वनडे सीरीज के विजेता को मिलती थी, अब टी20 फॉर्मेट में भी दाँव पर होगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड ने मिलकर यह फैसला किया है कि अब वनडे के साथ-साथ टी20 सीरीज की विजेता टीम भी इस ऐतिहासिक ट्रॉफी को उठाएगी।
इस ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत रविवार से ऑस्ट्रेलिया में हो रही तीन मैचों की टी20 सीरीज के साथ होगी। सीरीज का पहला मुकाबला नॉर्थ सिडनी ओवल में खेला जाएगा, और पहली बार इस ट्रॉफी के लिए टीमें टी20 क्रिकेट में भिड़ेंगी। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने एक बयान में पुष्टि की, "1985 में शुरू किया गया रोज़ बाउल 31 बार खेला जा चुका है और अब पहली बार रविवार को नॉर्थ सिडनी ओवल में शुरू होने वाली स्टैंडअलोन टी20 सीरीज में दाँव पर होगा।"
एक ट्रॉफी, दो फॉर्मेट
इस फैसले का मतलब है कि इस गर्मी में रोज़ बाउल ट्रॉफी के लिए दो बार मुकाबला होगा। पहले टी20 सीरीज में और फिर मार्च में, जब न्यूजीलैंड की टीम तीन वनडे मैचों के लिए कैनबरा और मेलबर्न का दौरा करेगी। फरवरी 2000 से यह ट्रॉफी ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास है। नियम के मुताबिक, दोनों ही सीरीज में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम विजेता होगी, और सीरीज टाई होने की स्थिति में मौजूदा चैंपियन ट्रॉफी अपने पास रखेगा।
खिलाड़ियों और अधिकारियों ने क्या कहा?
इस पहल को लेकर दोनों टीमों के कप्तान और अधिकारी काफी उत्साहित हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट की चीफ क्रिकेट ऑपरेशन्स ऑफिसर कैथरीन कैंपबेल ने इसे रोज़ बाउल के लिए एक "रोमांचक नया दौर" बताया। उन्होंने कहा, "अब इतना ज्यादा टी20 क्रिकेट खेला जा रहा है, यह रोज़ बाउल को जरूरी बनाए रखने और हमारे और हमारे ऑस्ट्रेलियाई प्रतिस्पर्धियों के बीच इतिहास को आगे बढ़ाने का एक शानदार मौका है।"
वहीं, न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया केर ने कहा, "हम सभी जानते हैं कि रोज़ बाउल क्या दिखाता है... महान खिलाड़ियों और टीमों ने सालों से इसके लिए लड़ाई लड़ी है और हमें उस इतिहास में अपना हिस्सा पाने का मौका बहुत पसंद आएगा।" ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिनक्स ने भी इसका स्वागत करते हुए कहा, "सभी द्विपक्षीय व्हाइट-बॉल सीरीज में इसे जीतने का मौका मिलने से रोमांच का एक और लेवल बढ़ जाता है।"
इनपुट: IANS


