पाकिस्तानी क्रिकेट में गिरावट क्यों? पूर्व कप्तान अजहर अली ने PCB के फैसलों पर उठाए गंभीर सवाल
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान अजहर अली ने टेस्ट क्रिकेट में टीम के मौजूदा प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए इसकी सीधी वजह देश के घरेलू क्रिकेट ढांचे में की गई छेड़छाड़ को बताया है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट…
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान अजहर अली ने टेस्ट क्रिकेट में टीम के मौजूदा प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए इसकी सीधी वजह देश के घरेलू क्रिकेट ढांचे में की गई छेड़छाड़ को बताया है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा विभागीय क्रिकेट को कमजोर करने की कोशिशों की कड़ी आलोचना की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अजहर ने इस सिस्टम को पाकिस्तानी क्रिकेट की 'नर्सरी' करार दिया, जिसे उनके अनुसार खत्म किया जा रहा है।
अजहर का यह बयान पीसीबी के उस हालिया फैसले के बाद आया है, जिसमें दो प्रमुख विभागों - WAPDA और साहिर एसोसिएट्स - को नए नियमों का पालन न करने के कारण 2026-27 के घरेलू सत्र से बाहर कर दिया गया है। अजहर ने 'ईएसपीएन क्रिकइन्फो' से बातचीत में साफ कहा, "अभी पाकिस्तान के इंटरनेशनल क्रिकेट में जो गिरावट आई है, उसका विभागीय क्रिकेट के बंद होने से गहरा संबंध है।"
क्यों जरूरी है विभागीय क्रिकेट?
अजहर अली ने समझाया कि पाकिस्तान जैसे देश में विभागीय क्रिकेट सिर्फ प्रतिभा निखारने का मंच नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सुरक्षा का एक बड़ा जरिया भी है। उन्होंने कहा, "विभाग ने हमें सैलरी और वित्तीय सुरक्षा दी, और हमारा साथ दिया। हमारे देश में ग्रेड 2 टीमों से मिलने वाली 30-40 हजार पाकिस्तानी रुपये की सैलरी भी बहुत अहम है। वरना, युवा खिलाड़ियों के माता-पिता उन्हें खेलने नहीं देंगे और कहेंगे कि कोई ठीक-ठाक नौकरी ढूंढ लें।"
खुद विभागीय क्रिकेट से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने वाले अजहर ने बताया कि कैसे इस सिस्टम के बंद होने पर कई युवा खिलाड़ियों को अपना भविष्य असुरक्षित दिखा और उन्हें देश तक छोड़ना पड़ा।
PCB के कामकाज पर सवाल
9 टेस्ट और 31 वनडे में पाकिस्तान की कप्तानी कर चुके अजहर ने पीसीबी के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बोर्ड में लगातार होने वाले बदलावों की आलोचना करते हुए कहा, "अगर आप हर साल बदलाव करते हैं, तो या तो आप पिछले साल गलत थे, या फिर आप अभी गलत हैं।" उनके मुताबिक, हर साल सिस्टम बदलने और बेहतर नतीजों का वादा करने के बावजूद कोई सुधार नहीं दिख रहा है, जो दिखाता है कि कहीं न कहीं गलती हो रही है।
गौरतलब है कि 2019 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने विभागीय क्रिकेट को खत्म कर दिया था। उस वक्त अजहर अली समेत कई खिलाड़ियों ने इस फैसले का विरोध किया था। हालांकि, 2023 में इमरान खान की सरकार जाने के बाद इस सिस्टम को फिर से बहाल किया गया।
इनपुट: IANS


