देवदत्त पडिक्कल का पहला टेस्ट शतक: 22 साल बाद नंबर-3 पर शतक जड़ने वाले पहले भारतीय लेफ्ट-हैंडर बने
श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में देवदत्त पडिक्कल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस पारी के सा…
श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में देवदत्त पडिक्कल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस पारी के साथ ही वह 2002 के बाद भारत के लिए नंबर तीन पर खेलते हुए शतक बनाने वाले पहले बाएं हाथ के बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह कमाल पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने किया था।
मैच में यशस्वी जायसवाल (32) के आउट होने के बाद क्रीज पर उतरे पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 134 गेंदों का सामना करते हुए अपना शतक पूरा किया, जिसमें 9 चौके और एक छक्का शामिल था। केएल राहुल के साथ उनकी साझेदारी भारतीय पारी की रीढ़ साबित हुई।
शानदार साझेदारी और रिकॉर्ड
पडिक्कल ने राहुल के रिटायर हर्ट होने से पहले दूसरे विकेट के लिए 150 रनों की अहम साझेदारी की। इस शतक के साथ ही उन्होंने नंबर तीन पर चले आ रहे शतकों के सूखे को भी खत्म कर दिया। भारत के लिए इस पोजीशन पर आखिरी शतक 2024 में शुभमन गिल ने बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था, जिसके बाद से 19 टेस्ट मैचों में कोई भी भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया था।
मार्च 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले पडिक्कल को इस मैच में साई सुदर्शन के बाहर होने की वजह से नंबर तीन पर खेलने का मौका मिला था, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया।
मैच का हाल
गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। यशस्वी जायसवाल के 32 रन पर रनआउट होने के बाद भारत की शुरुआत थोड़ी डगमगाई थी। लेकिन इसके बाद पडिक्कल और केएल राहुल (77 रन, रिटायर हर्ट) ने पारी को संभाला और दूसरे सेशन में श्रीलंका को कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी।
इनपुट: IANS


