भारत से मिली करीबी हार को जापान ने बताया 'बड़ा मौका', कप्तान ने कहा- भविष्य में टॉप टीमों को हराएँगे
जापान में क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक दिन तब देखने को मिला जब पहली बार भारतीय टीम ने वहां कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। बारिश के कारण यह मुकाबला सिर्फ पांच-पांच ओवर का ही हो सका, लेकिन इसमें जापान ने…
जापान में क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक दिन तब देखने को मिला जब पहली बार भारतीय टीम ने वहां कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। बारिश के कारण यह मुकाबला सिर्फ पांच-पांच ओवर का ही हो सका, लेकिन इसमें जापान ने मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत को कड़ी टक्कर दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मैच के बाद जापानी कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग ने इस अनुभव को अपनी टीम के लिए सीखने का एक बड़ा मौका बताया।
भारत और जापान के बीच 75 साल के राजनयिक संबंधों के मौके पर तोचिगी प्रांत के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में यह विशेष T20 मैच आयोजित किया गया था। इस यादगार मैच को लेकर दीवानगी का आलम यह था कि इसके टिकट कुछ ही घंटों में बिक गए और इसे देखने के लिए रिकॉर्ड 2,149 दर्शक पहुँचे, जो जापान में किसी भी क्रिकेट मैच के लिए अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
शानदार प्रदर्शन के बावजूद 2 रन से चूका जापान
इस रोमांचक मुकाबले में जापान ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए भारत जैसी मज़बूत टीम को 5 ओवर में सिर्फ 32/4 के स्कोर पर रोक दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए जापानी टीम ने ज़बरदस्त आत्मविश्वास दिखाया, लेकिन वे जीत से महज़ दो रन दूर रह गए। काडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा, "रैंकिंग में बड़े अंतर के बावजूद हम पूरे मैच में आत्मविश्वास से खेले और उन्हें चुनौती दी। दुर्भाग्य से हम हार गए, लेकिन इस अनुभव का इस्तेमाल करके भविष्य में टॉप टीमों को हराना चाहते हैं।"
जमीनी स्तर पर विकास पर ज़ोर
जापानी कप्तान का मानना है कि दुनिया की शीर्ष टीमों के साथ अंतर कम करने के लिए देश में जमीनी स्तर पर क्रिकेट के विकास पर ध्यान देना ज़रूरी है। उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा, "सबसे बड़ा फर्क ट्रेनिंग सिस्टम और क्रिकेट के माहौल में है। भारत में क्रिकेट हर जगह खेला जाता है और खिलाड़ियों को कम उम्र से ही बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।" काडोवाकी-फ्लेमिंग ने ज़ोर दिया कि जापान को भी पूरे देश में ग्रासरूट कार्यक्रमों का विस्तार करना होगा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा युवा इस खेल से जुड़ सकें और अपनी प्रतिभा निखार सकें।
इनपुट: IANS


