साइकिलिंग का विश्व कप पहली बार भारत में, पुणे करेगा 2032 रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेज़बानी
भारत के लिए साइकिलिंग के खेल में एक ऐतिहासिक दिन आया है। देश ने पहली बार यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेज़बानी का अधिकार हासिल कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 2032 में होने…
भारत के लिए साइकिलिंग के खेल में एक ऐतिहासिक दिन आया है। देश ने पहली बार यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेज़बानी का अधिकार हासिल कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 2032 में होने वाले इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन के लिए पुणे शहर को चुना गया है। यह सफलता महाराष्ट्र सरकार और साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है, जिसे केंद्र सरकार का भी पूरा समर्थन मिला।
मेज़बानी की यह दावेदारी कनाडा के मॉन्ट्रियल में हुई यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनेल (यूसीआई) कांग्रेस के दौरान पक्की हुई। पुणे का मुकाबला नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन/ड्रेंटे शहर से था, जबकि कोलंबिया और मेक्सिको पहले ही दौड़ से बाहर हो चुके थे। पुणे की तरफ से डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर जितेंद्र डूडी और सीएफआई के महासचिव मनिंदर पाल सिंह ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें आयोजन की तैयारियों और दीर्घकालिक योजनाओं का खाका पेश किया गया।
पुणे की मज़बूत दावेदारी
अंतिम फैसले से पहले, यूसीआई की तीन सदस्यीय टीम ने 4 से 6 सितंबर के बीच पुणे का दौरा किया था। इस टीम ने बालेवाड़ी स्टेडियम और पुणे यूनिवर्सिटी सर्किट समेत प्रस्तावित रेस के रूट और अन्य महत्वपूर्ण जगहों का मूल्यांकन किया। टीम ने रेस के शुरुआती और अंतिम बिंदु, एथलीटों के रहने की व्यवस्था और अन्य ढांचागत सुविधाओं का भी जायज़ा लिया, जिसके बाद पुणे की दावेदारी को मज़बूती मिली।
यूसीआई के अध्यक्ष डेविड लैपर्टिएंट ने पुणे के प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट को "बहुत हौसला देने वाला" बताया। उन्होंने कहा, "साइकिलिंग नए क्षेत्रों में विकसित हो रही है... भारत एक ऐसा देश है, जहां हमारे खेल का भविष्य अच्छा है। इसके लिए खास स्टेकहोल्डर्स की प्रतिबद्धता और जोश बहुत जरूरी है।"
भारत के लिए बड़ा अवसर
यह आयोजन भारत को वैश्विक साइकिलिंग समुदाय के केंद्र में लाएगा। पुणे के ज़िला कलेक्टर जितेंद्र डूडी के अनुसार, "यह पुणे और भारत को इंटरनेशनल साइकिलिंग के सबसे ज्यादा दिखाई देने वाले वार्षिक स्टेज में से एक पर लाता है... यह पुणे को एक वैश्विक शहर के तौर पर अपनी पहचान मजबूत करने और भारत में साइकिलिंग और खेल के लिए एक स्थायी विरासत छोड़ने का मौका देता है।"
वहीं, सीएफआई के महासचिव मनिंदर पाल सिंह ने कहा कि यह भारतीय साइकिलिंग के लिए "हिस्सा लेने से प्रदर्शन की ओर बढ़ने" का एक बड़ा मौका है। उन्होंने ज़ोर दिया कि 2032 तक एथलीटों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों के लिए बेहतर रास्ते बनाए जाएंगे और एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का मुकाबला कर सके। यह आयोजन 2036 ओलंपिक की मेज़बानी के भारत के बड़े लक्ष्य के अनुरूप भी है। यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप एक विशाल आयोजन है, जिसके 2025 संस्करण में 113 देशों के 734 राइडर्स ने हिस्सा लिया था और इसे दुनियाभर में लगभग 300 मिलियन लोगों ने टीवी पर देखा था।
इनपुट: IANS


