नाना पाटेकर का निधन: सिनेमा जगत में शोक की लहर, मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर के सामने आते ही राजनीति से लेकर कला जगत तक…
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर के सामने आते ही राजनीति से लेकर कला जगत तक शोक की लहर दौड़ गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए इसे भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
नाना पाटेकर को उनके दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और किरदारों में जान फूंक देने की अनूठी कला के लिए जाना जाता था। उनके निधन पर शोक व्यक्त करने वालों ने न केवल उनके फ़िल्मी योगदान को याद किया, बल्कि समाज सेवा, विशेषकर किसानों के लिए किए गए उनके कार्यों को भी सराहा।
किसने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 'पद्म श्री' से सम्मानित एक संवेदनशील समाजसेवी और रंगमंच का सशक्त कलाकार बताते हुए कहा कि उनका निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'एक्स' पर लिखा कि नाना पाटेकर ने अपने अभिनय से हिंदी सिनेमा को समृद्ध किया और एक विशिष्ट पहचान बनाई।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे दमदार और सच्ची आवाज़ों में से एक बताया। उन्होंने 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'अब तक छप्पन' जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा, "उनकी कला ने एक ऐसा मानक स्थापित किया, जिसके करीब पहुंचने की उम्मीद भी बहुत कम लोग कर सकते हैं।"
सिनेमा से समाज सेवा तक का सफ़र
कई नेताओं ने पर्दे के बाहर उनके व्यक्तित्व और सामाजिक कार्यों को भी याद किया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, "पर्दे से हटकर, किसानों के प्रति उनकी संवेदना और समाज सेवा के प्रति उनका समर्पण उनके व्यक्तित्व की गहराई को दर्शाता है।" इसी तरह, NCP-SP नेता रोहित पवार ने 'नाम फाउंडेशन' के माध्यम से किसानों और सूखा प्रभावित समुदायों के लिए किए गए उनके काम को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने उन्हें अभिनय में सच्ची अभिव्यक्ति और सामाजिक जागरूकता का संगम बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का अजित पवार ('दादा') से बेहद करीबी रिश्ता था, इसलिए उनका जाना परिवार के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है।
देशभर से आईं condolence messages
अन्य नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। DMK सांसद कनिमोझी ने हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया। झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा प्रवक्ता जयवीर शेरगिल, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा और पंजाब कांग्रेस के नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी उनके निधन को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ा नुकसान बताते हुए शोक प्रकट किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिवार व प्रशंसकों को शक्ति देने की प्रार्थना की।
इनपुट: IANS


