बुडापेस्ट कुश्ती: हंसिका लांबा ने जीता सिल्वर, भारत के खाते में रजत का ब्रॉन्ज भी जुड़ा
हंगरी के बुडापेस्ट में चल रही रैंकिंग सीरीज कुश्ती प्रतियोगिता में भारतीय पहलवानों का शानदार प्रदर्शन जारी है। इस कड़ी में, 19 वर्षीय हंसिका लांबा ने महिलाओं के 55 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में…
हंगरी के बुडापेस्ट में चल रही रैंकिंग सीरीज कुश्ती प्रतियोगिता में भारतीय पहलवानों का शानदार प्रदर्शन जारी है। इस कड़ी में, 19 वर्षीय हंसिका लांबा ने महिलाओं के 55 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, स्वर्ण पदक के लिए हुए फाइनल मुकाबले में हंसिका को यूक्रेन की नतालिया क्लीवचुत्स्का से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।
शानदार फॉर्म में चल रहीं हंसिका ने इस साल एशियन चैंपियनशिप और उलानबटार ओपन में भी ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। फाइनल तक उनका सफर काफी रोमांचक रहा। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में तुर्की की तुबा डेमिर को 8-4 से मात दी। इसके बाद सेमीफाइनल में जर्मनी की अनास्तासिया ब्लेवास के खिलाफ 2-7 से पिछड़ने के बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की और लगातार चार टेकडाउन करके 10-7 से जीत दर्ज की।
पुरुष वर्ग में रजत रुहल का कांस्य
पुरुषों के 125 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के लिए एक और पदक आया। पहलवान रजत रुहल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्हें यह पदक वॉकओवर के जरिए मिला, क्योंकि चोट के कारण उनके अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी मेसन पैरिस मुकाबले से हट गए। रजत क्वार्टर फाइनल में पोलैंड के कामिल कोसिओलेक से हार गए थे, लेकिन रेपेशाज राउंड में उन्होंने वापसी करते हुए दक्षिण कोरिया के ग्वानुक किम को 8-4 से हराकर कांस्य पदक मुकाबले में अपनी जगह पक्की की थी।
अन्य भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन
महिलाओं के 50 किलोग्राम वर्ग में प्रियांशी प्रजापत पदक से चूक गईं। उन्होंने पैन-अमेरिकन चैंपियन अमेरिका की केटी गोमेज को हराकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन क्वार्टर फाइनल में चीन की फेंग जिकि से हार गईं। जिकि के फाइनल में पहुंचने से प्रियांशी को रेपचेज का मौका मिला, पर कांस्य पदक के मुकाबले में उन्हें इक्वाडोर की जैकलीन मोलोकाना ने 4-2 से हरा दिया।
वहीं, कुछ अन्य भारतीय पहलवानों को निराशा हाथ लगी। दिनेश धनखड़ (125 किग्रा) क्वार्टर फाइनल में, जबकि पुनीत कुमार (92 किग्रा) और ओलंपियन दीपक पूनिया (97 किग्रा) अपने शुरुआती मुकाबलों में ही हारकर बाहर हो गए। इस टूर्नामेंट में अब भारत के कुल पदकों की संख्या पांच हो गई है। इससे पहले अमन सहरावत ने स्वर्ण, जबकि दीपक और विशाल कालीरमाना ने कांस्य पदक जीते थे।
इनपुट: IANS


