गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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नई खेलो इंडिया स्कीम: मेरठ के खेल कारोबारियों को उम्मीद, छोटे निर्माताओं तक पहुंचे 1856 करोड़ का फायदा

केंद्र सरकार ने खेल सामग्री के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना को हरी झंडी दिखाई है, जिससे मेरठ के खेल कारोबारियों में उत्साह का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में…

नई खेलो इंडिया स्कीम: मेरठ के खेल कारोबारियों को उम्मीद, छोटे निर्माताओं तक पहुंचे 1856 करोड़ का फायदा
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार ने खेल सामग्री के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना को हरी झंडी दिखाई है, जिससे मेरठ के खेल कारोबारियों में उत्साह का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'खेलो इंडिया भारत गुड मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' के लिए 1,856.67 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले का मेरठ के खेल उत्पाद निर्माताओं ने स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह उम्मीद भी जताई है कि इसका लाभ केवल बड़े नामों तक सीमित न रहकर छोटे उद्योगों तक भी पहुंचे।

कारोबारियों ने क्या कहा?

गोयल स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के मालिक दीपक गोयल ने सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा, "खेलो इंडिया के जरिए हमारे व्यापार में इजाफा हुआ है। आज स्कूलों में खेलो इंडिया के माध्यम से हमारा सामान जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "सरकार जो इस नई स्कीम को लाई है, अगर ये स्कीम सही तरीके से छोटे निर्माताओं तक पहुंचती है तो काम बढ़ेगा...अगर छोटे निर्माताओं तक यह स्कीम पहुंचती है तो हमारे उद्योग में चार चांद लगेंगे। मेरठ को सरकार की इस स्कीम की बहुत जरूरत है।"

इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए, आरएल भाटिया एंड संस के मालिक विपिन भाटिया ने सही कार्यान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "अगर इस स्कीम का कार्यान्वयन सही तरीके से हो तो इसका काफी लाभ मिलेगा। अक्सर इस तरह की स्कीम गिनती के कुछ बड़े नामों तक ही पहुंच पाती है, लेकिन अगर यह छोटी निर्माताओं तक पहुंचेगी तो यकीनन इसका काफी लाभ मिलेगा।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की मदद आवश्यक है।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा और रोजगार की उम्मीदें

इस योजना से भारतीय खेल उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। भाटिया संस के मालिक आलोक भाटिया के अनुसार, "निर्माण करने वाली इकाइयों के लिए जो नई स्कीम लॉन्च की गई है, उससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में इसका बहुत लाभ मिलेगा।" उन्होंने कहा कि सरकार पिछले कई वर्षों से 'खेलो इंडिया' के जरिए एथलीटों को प्रोत्साहित कर रही थी, जिसका सीधा फायदा विनिर्माण इकाइयों को मिल रहा था।

वहीं, मिशा स्पोर्ट्स के मालिक गौरव महाजन का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ उद्योग को फायदा होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, "इससे खेल उद्योग को फायदा मिला। नौकरियां भी बढ़ेंगी और खिलाड़ियों का भी मनोबल बढ़ेगा, क्योंकि उन्हें बेहतरीन उपकरण मिलेंगे। सप्लायर अच्छी गुणवत्ता की चीजें ही उन्हें बेचेगा।"

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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