स्कूलों में सिखाया जाएगा 'फेयर प्ले' का पाठ, शिक्षा और खेल मंत्रालय ने यूनेस्को के साथ मिलाया हाथ
भारत के स्कूलों में अब छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ 'निष्पक्ष खेल' (फेयर प्ले) के मूल्य भी सिखाए जाएंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पहल को ज़मीनी स्तर पर उतारने के लिए युवा मामले एवं खेल…
भारत के स्कूलों में अब छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ 'निष्पक्ष खेल' (फेयर प्ले) के मूल्य भी सिखाए जाएंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पहल को ज़मीनी स्तर पर उतारने के लिए युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और यूनेस्को ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद स्कूली बच्चों में कम उम्र से ही ईमानदारी, निष्पक्षता और सम्मान जैसे मूल्यों को विकसित करना है।
यह समझौता नई दिल्ली में नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) द्वारा आयोजित 'क्लीन स्पोर्ट कॉन्क्लेव' के दौरान किया गया। इस मौके पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और दक्षिण एशिया के लिए यूनेस्को के क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक टिम कर्टिस मौजूद थे। इस पहल के तहत कक्षाओं में 'स्पोर्ट्स वैल्यूज इन एवरी क्लासरूम टूलकिट' (हर कक्षा में खेल मूल्य टूलकिट) का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या है यह नई पहल?
इस कार्यक्रम का मुख्य आधार एक विशेष टूलकिट है, जिसमें शैक्षिक संसाधन और वीडियो मॉड्यूल शामिल हैं। देश के कोने-कोने तक पहुंचने के लिए इसे 13 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। यह कदम सरकार की 'खेलो भारत नीति 2025' के अनुरूप है, जिसका एक लक्ष्य खेल और शिक्षा को एकीकृत करना है।
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसे शिक्षा और खेल के बीच की दूरी को पाटने वाला एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा, "यह समझौता शिक्षा और खेल के बीच के उस संबंध को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, जो लंबे समय से नदारद था। मुझे बहुत खुशी है कि अब बच्चों को 'निष्पक्ष खेल' और उससे जुड़े मूल्यों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।" उन्होंने ज़ोर दिया कि ये मूल्य सिर्फ क्लासरूम तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचें।
डोपिंग के खिलाफ सख्त संदेश
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि खेल में सफलता के लिए प्रतिभा और अनुशासन के साथ-साथ ईमानदारी भी उतनी ही ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "खेल में उत्कृष्टता और खेल की ईमानदारी साथ-साथ चलनी चाहिए।" एशियाई खेलों और पैरा खेलों में भारत के शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे देश की बढ़ती खेल ताकत का प्रतीक बताया, लेकिन साथ ही डोपिंग को एक गंभीर चिंता भी करार दिया।
उन्होंने बताया कि डोपिंग से निपटने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। 2025-26 के दौरान, NADA ने 7,000 से ज़्यादा परीक्षण किए और 27,000 प्रतिभागियों के साथ 350 से अधिक जागरूकता सत्र आयोजित किए। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार डोपिंग से जुड़ी गतिविधियों को अपराध की श्रेणी में लाने के लिए संसद में प्रावधान लाने की तैयारी कर रही है।
वैश्विक साझेदारी और शिक्षकों की भूमिका
यूनेस्को के प्रतिनिधि टिम कर्टिस ने इस समझौते को भारत और यूनेस्को की साझेदारी में एक नया अध्याय बताया, जो अन्य देशों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। एक ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधि ने शिक्षकों की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा, "यह टूलकिट कई विचार और व्यावहारिक संसाधन देता है, लेकिन इन मूल्यों को असल जिंदगी में उतारने का काम शिक्षक ही करते हैं।" उन्होंने कहा कि इन मूल्यों की असली परीक्षा तब होती है, जब कोई देख न रहा हो और बच्चे तब भी निष्पक्षता से खेलें।
इनपुट: IANS


