खेल मंत्री मनसुख मांडविया का महासंघों को निर्देश: चयन में हो पूरी पारदर्शिता, किसी खिलाड़ी से अन्याय न हो
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश के राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) को एथलीटों के चयन में पूरी तरह निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह हमारी…
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश के राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) को एथलीटों के चयन में पूरी तरह निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि किसी भी खिलाड़ी के साथ कभी अन्याय न हो और चयन प्रक्रिया हमेशा पारदर्शी रहे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को आयोजित नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए उन्होंने यह बातें कहीं।
कॉन्क्लेव का मुख्य फोकस खेल प्रशासन को मजबूत करने, खिलाड़ियों के कल्याण और आगामी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारत की तैयारियों की समीक्षा करना था। इस दौरान खेल मंत्री ने कहा, "चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और जवाबदेह तरीके से होनी चाहिए। ओपन सिलेक्शन ट्रायल ऑब्जर्वर की मौजूदगी में कैमरे पर रिकॉर्ड किए जाने चाहिए।"
डोपिंग और कोचिंग पर ज़ोर
डॉ. मांडविया ने भारतीय खेलों से डोपिंग को जड़ से खत्म करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, "हमें मिलकर डोपिंग के खतरे से निपटना होगा। सिर्फ एथलीटों के खिलाफ कार्रवाई करना काफी नहीं है।" उनके मुताबिक, डोपिंग की पूरी चेन, जिसमें निर्माता, सप्लायर और उपयोगकर्ता शामिल हैं, की पहचान कर एक मजबूत सिस्टम के जरिए उनसे निपटा जाना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने विदेशी कोचों पर निर्भरता कम करने और एक मजबूत घरेलू कोचिंग इकोसिस्टम बनाने की अहमियत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "हमें अच्छे भारतीय कोचों का एक ग्रुप बनाना होगा... एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित कोच ही देश के लिए विश्व-स्तरीय एथलीट तैयार करेगा।"
भविष्य के बड़े खेलों की तैयारी
कॉन्क्लेव में एशियन गेम्स 2026, लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स 2028 और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए भारत की तैयारियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दी गईं। केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे खेल प्रशासन के मानकों को मजबूत करने और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, 2025 का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी महासंघों के साथ मिलकर काम करेंगे। इस कार्यक्रम में खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और साई के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
इनपुट: IANS


