चीन में भारतीय बैडमिंटन की चुनौती: जापान ओपन जीतकर लौटीं सिंधु चाइना ओपन में करेंगी अगुवाई, सात्विक-चिराग बाहर
हाल ही में जापान ओपन में लगभग दो साल बाद खिताबी जीत हासिल करने वालीं दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु अब चाइना ओपन में भारतीय दल की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। मंगलवार से शुरू हो रहे इस…
हाल ही में जापान ओपन में लगभग दो साल बाद खिताबी जीत हासिल करने वालीं दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु अब चाइना ओपन में भारतीय दल की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। मंगलवार से शुरू हो रहे इस बीडब्ल्यूएफ सुपर 1000 टूर्नामेंट में सिंधु बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ उतरेंगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंधु ने जापान ओपन के फाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेम में 21-17, 21-17 से हराया था।
साल 2016 में चाइना ओपन सुपर सीरीज जीत चुकीं सिंधु का लक्ष्य अपनी मौजूदा लय को बरकरार रखना होगा। जापान में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में एक भी गेम नहीं गंवाया, जो उनकी फॉर्म में वापसी का बड़ा संकेत है। महिला एकल में भारत की ओर से उनके साथ देविका सिहाग और युवा प्रतिभा उन्नति हुड्डा भी मुख्य ड्रॉ का हिस्सा होंगी।
पुरुष वर्ग में लक्ष्य और प्रणॉय पर दारोमदार
पुरुष एकल में भारत की उम्मीदें लक्ष्य सेन, विश्व नंबर 24 आयुष शेट्टी और अनुभवी खिलाड़ी एचएस प्रणॉय पर टिकी होंगी। लक्ष्य सेन इस सीजन में उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद निरंतरता हासिल करने की कोशिश करेंगे। हालांकि, पुरुष युगल में भारत को बड़ा झटका लगा है।
एशियाई खेलों के चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार जोड़ी कंधे की चोट के कारण टूर्नामेंट से हट गई है। सात्विक की चोट पिछले हफ्ते जापान ओपन में भी बाधक बनी थी। उनकी अनुपस्थिति में, पुरुष युगल में भारत का प्रतिनिधित्व एमआर अर्जुन और हरिहरन अम्साकरुणन की जोड़ी करेगी।
मिश्रित युगल में दो जोड़ियां
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के मिश्रित युगल में भारत की दो जोड़ियां प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिनमें रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गद्दे तथा ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो शामिल हैं। वहीं, महिला युगल वर्ग में कोई भी भारतीय प्रतिनिधित्व नहीं होगा।
इनपुट: IANS


