कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अंकुश पंघाल और प्रीति पवार फाइनल में, भारत के दो और पदक पक्के
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। ग्लासगो में चल रहे इन खेलों में अंकुश पंघाल और प्रीति पवार ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। ग्लासगो में चल रहे इन खेलों में अंकुश पंघाल और प्रीति पवार ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जिससे भारत के लिए कम से कम दो रजत पदक और पक्के हो गए हैं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुरुष बॉक्सिंग के 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघाल ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 के एकतरफा फैसले से मात दी। अंकुश ने पूरे मुकाबले में गजब का नियंत्रण, सटीकता और धैर्य दिखाया, जो इस टूर्नामेंट में उनकी लगातार तीसरी सर्वसम्मत जीत है।
अंकुश का दबदबा
शुरुआती घंटी से ही भारतीय बॉक्सर ने अपनी लय पकड़ ली थी। उनके सीधे पंच और दमदार हुक लगातार निशाने पर लगे, जिससे कनाडाई खिलाड़ी को जमने का मौका ही नहीं मिला। पहले दो राउंड में अंकुश ने पूरी तरह से अपनी पकड़ बना ली। हालांकि, तीसरे और आखिरी राउंड में ओफोरी ने वापसी की पुरजोर कोशिश की, लेकिन शुरुआती बढ़त के चलते अंकुश आसानी से मुकाबला जीत गए। जजों के स्कोरकार्ड ने भी उनकी श्रेष्ठता पर मुहर लगा दी; चार ने मुकाबला 30-26 से और एक ने 29-27 से उनके पक्ष में दिया। अब अंकुश फाइनल में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे।
प्रीति पवार भी फाइनल में
अंकुश से पहले, प्रीति पवार ग्लासगो में फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज बनी थीं। उन्होंने महिलाओं के 54 किग्रा सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे पर 5-0 से शानदार जीत दर्ज की। प्रीति ने अपने तेज जैब और सटीक पंचों से प्रतिद्वंद्वी पर इतना दबाव बनाया कि म्वापे को मुकाबले में तीन बार स्टैंडिंग काउंट का सामना करना पड़ा। फाइनल में प्रीति का सामना कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा।
इनपुट: IANS


