कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अस्मिता डे ने रचा इतिहास, जूडो में भारत को दिलाया पहला स्वर्ण पदक
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्मिता डे कॉमनवेल्थ खेलों के इतिहास में जूडो का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका बन गई हैं। समाचार…
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्मिता डे कॉमनवेल्थ खेलों के इतिहास में जूडो का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका बन गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने यह कीर्तिमान महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में कनाडा की हेइडी क्वैच को हराकर स्थापित किया।
शुक्रवार को हुए रोमांचक फाइनल मुकाबले में अस्मिता ने बेहतरीन रणनीति और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए 2-1 से जीत दर्ज की। अपनी इस यादगार जीत के बाद उन्होंने अपना पदक उन सभी लोगों को समर्पित किया, जो उनके सफर में हमेशा साथ खड़े रहे।
जीत के बाद जताया आभार
स्वर्ण पदक जीतने के तुरंत बाद अस्मिता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "मैं स्वर्ण पदक जीतकर बहुत खुश हूं। यह उन सभी के लिए है जिन्होंने मेरा साथ दिया। मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यूपी पुलिस में नौकरी देने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं।"
हर्ष सिंह ने भी जीता सोना
अस्मिता डे की ऐतिहासिक जीत के कुछ ही देर बाद भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई। पुरुष वर्ग में हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। 23 वर्षीय हर्ष ने 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को शिकस्त दी।
मुकाबले में शुरुआती टक्कर के बाद हर्ष ने मैच खत्म होने से 41 सेकंड पहले एक शानदार 'वाजा-अरी' तकनीक का इस्तेमाल कर बढ़त बनाई और अंत तक उसे कायम रखते हुए भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया।
इनपुट: IANS


