शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
अन्य खेल

एक मां, एक PhD स्कॉलर और कॉमनवेल्थ की पदक विजेता: सीमा कालीरमन की प्रेरक कहानी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरमन की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक माँ, एक पीएचडी स्कॉलर और तमाम चुनौतियों से लड़कर वापसी करने वाली एक…

एक मां, एक PhD स्कॉलर और कॉमनवेल्थ की पदक विजेता: सीमा कालीरमन की प्रेरक कहानी
(फोटो: IANS)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली डिस्कस थ्रोअर सीमा कालीरमन की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक माँ, एक पीएचडी स्कॉलर और तमाम चुनौतियों से लड़कर वापसी करने वाली एक योद्धा की है। चार साल के बेटे रुद्र की परवरिश और भिवानी की चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी की पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 27 वर्षीय सीमा के लिए यह पदक उनके करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय मेडल है। फाइनल में उनका प्रदर्शन भी उतार-चढ़ाव भरा रहा, जहाँ उनके छह में से केवल दो थ्रो ही वैध माने गए, क्योंकि डिस्कस बार-बार साइड नेटिंग में फंस रहा था। इस कामयाबी में उनके पति और कोच रविंदर कालीरमन का बड़ा योगदान है, जो खुद एक जाने-माने डिस्कस थ्रो एथलीट रह चुके हैं।

चुनौतियों को मात देकर वापसी

सीमा का करियर कई मुश्किलों से भरा रहा। घुटने की एक गंभीर चोट ने उन्हें तीन साल से ज़्यादा समय तक खेल से दूर रखा। इसके बाद प्रेग्नेंसी और माँ बनने की जिम्मेदारियों के चलते भी उन्हें ब्रेक लेना पड़ा। लेकिन हर बार उन्होंने शानदार वापसी की। जब भी ज़िंदगी ने उन्हें खेल से दूर करने की कोशिश की, सीमा ने और ज़्यादा मज़बूती से वापसी की।

माँ बनने के बाद और निखरा प्रदर्शन

दिलचस्प बात यह है कि माँ बनने के बाद सीमा का प्रदर्शन और भी बेहतर हुआ। 2022 में बेटे के जन्म से पहले उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 48.08 मीटर था। खेल में वापसी के बाद 2024 में उन्होंने इसे सुधारकर 57.19 मीटर तक पहुँचाया। इसी साल भुवनेश्वर में हुई इंडियन चैंपियनशिप में उन्होंने 59.73 मीटर का अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया।

लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने 2025 में नेशनल गेम्स और बाद में नेशनल टाइटल भी जीता। साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतना उनकी वापसी का एक अहम पड़ाव था, जिसके बाद उन्होंने 2026 एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई किया और कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम में भी जगह बनाई।

इनपुट: IANS

N

News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

News4Social स्पोर्ट्स डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से खेल जगत से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →