CWG 2026: भारतीय महिला बॉल्स टीम की रोमांचक शुरुआत, टाई-ब्रेकर में माल्टा को दी मात
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले ही दिन भारतीय बॉल्स टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत से आगाज़ किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ग्लासगो में खेले गए महिला पेयर्स बॉल्स इवेंट…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले ही दिन भारतीय बॉल्स टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत से आगाज़ किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ग्लासगो में खेले गए महिला पेयर्स बॉल्स इवेंट के ग्रुप स्टेज मुकाबले में भारत की पिंकी सिंह और रूपा रानी टिर्की की जोड़ी ने माल्टा को एक बेहद करीबी टाई-ब्रेक में हराया।
भारतीय जोड़ी ने माल्टा की रेबेका लुईस रिक्सन और कोनी-ली रिक्सन बहनों की जोड़ी के खिलाफ ज़बरदस्त धैर्य और कौशल का परिचय दिया। एक सेट गंवाने के बाद, भारतीय टीम ने शानदार वापसी की और अंत में पिंकी के निर्णायक थ्रो ने भारत की झोली में यह रोमांचक जीत डाल दी। यह पहली बार है जब कॉमनवेल्थ गेम्स में इस खेल को आधिकारिक तौर पर 'बॉल्स' नाम से इनडोर फॉर्मेट में खेला जा रहा है।
पहला सेट भारत के नाम
मैच की शुरुआत से ही भारतीय जोड़ी ने अपना दबदबा कायम कर लिया। पहले 'एंड' में ही पिंकी के सटीक थ्रो की बदौलत भारत को 2-0 की बढ़त मिल गई। माल्टा ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 2-1 किया, लेकिन भारतीय कप्तान के बेहतरीन खेल ने बढ़त को और मजबूत कर दिया। जल्द ही भारतीय टीम ने स्कोर 5-1 कर दिया और अंततः पहला सेट आसानी से 7-1 के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया। इस सेट में रूपा रानी टिर्की की दो बेहतरीन 'बॉल्स' और माल्टा की एक आक्रामक गलती ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।
माल्टा की वापसी और टाई-ब्रेकर का रोमांच
दूसरे सेट की कहानी बिल्कुल अलग थी, जिसमें दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। भारत ने 2-0 से शुरुआत की, लेकिन रिक्सन बहनों ने तुरंत स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। मुकाबला उतार-चढ़ाव से भरा रहा और दोनों टीमों ने अहम मौकों पर अंक बटोरे। पिंकी ने एक बार फिर दबाव के क्षणों में अपनी टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन माल्टा ने भी हार नहीं मानी और आखिरी रेगुलर राउंड तक हिम्मत बनाए रखी। नतीजा यह हुआ कि दूसरा सेट बराबरी पर छूटा और मैच का फैसला टाई-ब्रेक से होना तय हुआ।
पिंकी का निर्णायक थ्रो
सडन-डेथ शूटआउट में शुरुआत में माल्टा का पलड़ा भारी लग रहा था। रूपा ने अपनी आखिरी थ्रो से भारत की उम्मीदों को जीवित रखा, जिसके बाद सारी जिम्मेदारी पिंकी सिंह पर आ गई। उनकी आखिरी गेंद 'जैक' के बेहद करीब जाकर रुकी, जिसने मैच का रुख पलट दिया। पिंकी ने अपने कमाल के संयम और précision से टाई-ब्रेक भारत के पक्ष में कर दिया और टीम के लिए एक यादगार जीत पक्की की।
इनपुट: IANS


