मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल्स: विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट से फ़ौरी राहत नहीं, जानिए पूरा मामला

स्टार पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट से एक झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें कजाकिस्तान में होने वाली 2026 सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की तत्काल अनुमति देने से…

वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल्स: विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट से फ़ौरी राहत नहीं, जानिए पूरा मामला
(फोटो: IANS)

स्टार पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट से एक झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें कजाकिस्तान में होने वाली 2026 सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की तत्काल अनुमति देने से इनकार कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने कहा कि चयन के लिए तय की गई योग्यता शर्तों में केवल एक याचिकाकर्ता के लिए इस स्तर पर ढील नहीं दी जा सकती।

विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा 7 सितंबर को जारी सर्कुलर को चुनौती दी थी। उन्होंने मांग की थी कि उन्हें 14 सितंबर को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले ट्रायल्स के लिए योग्यता पूल में अस्थायी रूप से शामिल किया जाए। फोगाट मातृत्व अवकाश (प्रेग्नेंसी, बच्चे का जन्म और रिकवरी) के कारण 2024-25 में सक्रिय कुश्ती से दूर रही थीं।

कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की एकल-न्यायाधीश पीठ ने कहा कि चयन के नियम सभी एथलीटों पर समान रूप से लागू होते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी एक खिलाड़ी को विशेष छूट देना अन्य एथलीटों के साथ नाइंसाफी होगी। अदालत ने यह भी कहा, "ऐसी ढील का असर उन दूसरे एथलीटों पर भी पड़ सकता है जो इसी तरह की स्थिति में हैं और इस कोर्ट के सामने नहीं हैं।" कोर्ट ने माना कि WFI का सर्कुलर विशेष रूप से फोगाट के खिलाफ नहीं था।

मातृत्व और खेल पर बड़ी बहस

विनेश फोगाट की ओर से सीनियर वकील राजशेखर राव ने दलील दी कि WFI के नए नियम भेदभावपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ये नियम उन महिला एथलीटों के लिए कोई प्रावधान नहीं करते जो प्रेग्नेंसी और बच्चे के जन्म के बाद खेल में वापसी करना चाहती हैं। इस पर जस्टिस शर्मा ने कहा कि यह एक बड़ा सवाल है जिस पर रिट याचिका के अंतिम फैसले के समय विस्तार से विचार किया जाएगा। अदालत यह तय करेगी कि क्या चयन नीति में ऐसी व्यवस्था की कमी उसे मनमाना या भेदभावपूर्ण बनाती है।

पिछली राहत से अलग है यह मामला

इससे पहले एक अन्य मामले में, दिल्ली हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने विनेश को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। उस समय अदालत ने कहा था कि पहली नजर में मातृत्व किसी महिला के करियर पर प्रतिकूल असर नहीं डाल सकता। हालांकि, जस्टिस शर्मा की बेंच ने स्पष्ट किया कि वह अंतरिम राहत उस समय की चयन नीति के संदर्भ में थी और इसे भविष्य की सभी प्रतियोगिताओं के लिए योग्यता शर्तों से स्थायी छूट नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने यह भी संज्ञान में लिया कि WFI ने 17 जून को फोगाट के खिलाफ कथित दुर्व्यवहार के लिए दूसरा कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। इन सभी पहलुओं को देखते हुए अदालत ने विनेश फोगाट के आवेदन को खारिज कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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